DC शांतनु शर्मा के सख्त निर्देश, सिरसा में मेडिकल स्टोरों की होगी जांच; नशे के खिलाफ तेज होगा अभियान

 

सिरसा। जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल स्टोरों पर दवाइयों की बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करने, नशे से संबंधित मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया है। साथ ही, नशे की गिरफ्त में आए लोगों की पहचान कर उन्हें उचित उपचार दिलाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।

शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में उपायुक्त शांतनु शर्मा की अध्यक्षता में एनकॉर्ड (NCORD) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जिले में नशे की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

 मेडिकल स्टोरों पर होगी रिकॉर्ड और CCTV कैमरों की जांच

उपायुक्त शांतनु शर्मा ने निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण करते समय वहां लगे सीसीटीवी कैमरों और दवाइयों की बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जाए। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन मिलता है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। सभी संबंधित विभाग नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें, ताकि नशे से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।

 नशे से जुड़े मामलों में कार्रवाई के साथ अदालत में मजबूत पैरवी के निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि नशे से जुड़े मामलों में केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अदालतों में उनकी उचित पैरवी करना भी जरूरी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने में मदद मिल सके।

उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और नशे की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे प्रयासों में निरंतरता बनाए रखने को कहा।

 नशे की गिरफ्त में आए लोगों की होगी काउंसलिंग

उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रभावित लोगों की पहचान करना और उन्हें सही उपचार उपलब्ध करवाना भी जरूरी है। ऐसे लोगों की काउंसलिंग करवाई जाए और जरूरत के अनुसार उपचार की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए नशा मुक्ति अभियान में स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाई जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक करने और नशे के खिलाफ माहौल बनाने में मदद मिल सके।

 स्कूल-कॉलेजों में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम

बैठक में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में अधिक से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेल गतिविधियों और अन्य रचनात्मक कार्यों से जोड़ना जरूरी है। खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया जाए।

 सभी विभाग आपसी तालमेल से करें काम

उपायुक्त ने कहा कि नशे की रोकथाम किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा। आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ निगरानी, कानूनी कार्रवाई और उपचार जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार काम करें और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की नियमित समीक्षा करते रहें।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नशे की रोकथाम के साथ युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशे से प्रभावित लोगों को उचित उपचार उपलब्ध करवाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।