सिरसा के सभी गांव के जोहड़ों और पंचायती भूमि का डीसी ने मांगा पूरा रिकॉर्ड, 30 जून तक होगा भेजना

 

सिरसा। जिले में जोहड़ों, तालाबों और पंचायती भूमि  को लेकर उपायुक्त, सिरसा ने सभी तहसीलदारों और उप-तहसीलदारों के माध्यम से जिले के प्रत्येक गांव के तालाब व जोहड़ों का पूरा राजस्व रिकॉर्ड तलब किया है। 26 जून 2024 को जारी पत्र में निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक गांव के इस्तेमाल (इंतकाल) के समय छोड़े गए जोहड़/तालाब का खसरा नंबर, रकबा और वर्तमान स्थिति निर्धारित प्रपत्र में 30 जून 2026 तक उपायुक्त कार्यालय को भेजी जाए। इस आदेश के बाद उन लोगों में हलचल मच गई है, जिन्होंने वर्षों से पंचायत की जोहड़ भूमि पर कब्जा कर रखा है।

उपायुक्त सिरसा द्वारा तहसीलदार डबवाली, कालांवाली, नाथूसरी चौपटा, सिरसा तथा उप-तहसीलदार गोरीवाला को जारी पत्र में साफ कहा गया है कि प्रत्येक गांव में तालाब/जोहड़ के लिए रकबा संरक्षित किया गया था। अब सभी अधीनस्थ गांवों में स्थित जोहड़/तालाब की सूचना खसरा नंबर व रकबे सहित 30 जून 2026 तक उपायुक्त कार्यालय में भिजवाना सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद सूचना सरकार को भेजी जाएगी और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

30 जून तक भेजनी होगी सूचना

उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि गांवों के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज जोहड़ों और तालाबों का पूरा ब्योरा निर्धारित प्रपत्र में 30 जून 2026 तक जमा करवाना अनिवार्य होगा। इसमें खसरा नंबर, रकबा और वर्तमान कैफियत शामिल होगी। माना जा रहा है कि रिकॉर्ड की जांच पूरी होते ही प्रशासन अवैध कब्जों को हटाने की दिशा में सख्त कदम उठा सकता है। उपायुक्त कार्यालय का यह कदम जिले में पंचायती भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है।

किन विभागों को भेजा गया पत्र

उपायुक्त सिरसा ने जिले के सभी तहसीलदारों व उप-तहसीलदारों को यह पत्र भेजा है, जिसमें डबवाली, कालांवाली, नाथूसरी चौपटा, सिरसा की तहसीलें और गोरीवाला की उप-तहसील शामिल हैं। इन सभी को अपने-अपने क्षेत्र के गांवों से जोहड़ों का ब्योरा जुटाकर उपायुक्त कार्यालय को भेजना होगा।

अवैध कब्जाधारियों में हलचल

इस आदेश के बाद उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जिन्होंने वर्षों से पंचायत की जोहड़ भूमि पर कब्जा कर रखा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि अब जोहड़ों व तालाबों पर अवैध कब्जे की खैर नहीं। जिला प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और जल्द ही बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।