सिरसा: प्रचंड गर्मी से बेजुबान पक्षियों को बचाने की मुहिम, डेरा भूमणशाह में बांटे गए मिट्टी के सकोरे
सिरसा। प्रचंड गर्मी के बीच बेजुबान पक्षियों को राहत देने के लिए सिरसा स्थित मुख्य धाम डेरा भूमणशाह में पूर्णिमा पर्व के अवसर पर मिट्टी के सकोरे (कसोरे) वितरित किए गए। गद्दीनशीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मूक जीवों के लिए दाना-पानी सुनिश्चित करना और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देना था।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत बाबा ब्रह्मदास महाराज ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में मनुष्य अपनी प्यास बुझाने के लिए कई संसाधन जुटा लेता है, लेकिन बेजुबान पक्षियों और अन्य जीवों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। जल के अभाव में कई बार इन जीवों की मृत्यु तक हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में सभी जीव-जंतुओं की अहम भूमिका है। मूक पक्षी अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते, इसलिए समाज का यह प्राथमिक और नैतिक दायित्व है कि वे उनके लिए उचित दाना-पानी की व्यवस्था करें।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए महाराज ने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने घरों की छतों, बालकनी और आसपास के सुरक्षित स्थानों पर पानी के सकोरे अवश्य रखें। इसके साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की, ताकि क्षेत्र में हरियाली बनी रहे और पक्षियों को प्राकृतिक आश्रय मिल सके। उनके इस आह्वान पर मौके पर मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पक्षियों की सुरक्षा, नियमित दाना-पानी की व्यवस्था करने और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
सिरसा में किसान ने पेश की मिसाल: पौत्र होने की खुशी में गौशाला को दान कर अपनी जमीन
डेरे के सेवक सचिव विनोद एडवोकेट ने जानकारी दी कि मुख्य धाम डेरा भूमणशाह की ओर से मानवता की भलाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार ऐसे सामाजिक कार्य किए जा रहे हैं। मिट्टी के सकोरों का यह वितरण इसी अभियान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य आम लोगों को बेजुबान जीवों और प्रकृति के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना है।