Sirsa News: जिले में आगजनी से जली गेहूं की फसल मुआवजे के लिए खुला ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल, 28 अप्रैल है आखिरी तारीख
सिरसा: रबी सीजन 2025-26 में जिले के कई गांवों में खेतों में लगी आग से गेहूं की फसल नष्ट हो गई थी। अब उन किसानों के लिए हरियाणा सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल (ekshatipurti.haryana.gov.in) खोल दिया है और सिरसा, डबवाली, कालांवाली तथा ऐलनाबाद तहसीलों के 13 प्रभावित गांवों के किसान 28 अप्रैल 2026 तक अपने नुकसान का विवरण दर्ज करा सकते हैं।
जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि नुकसान का आंकलन खसरा नंबर और प्रभावित किला नंबर के आधार पर किया जाएगा, ताकि सही किसान को सही मुआवजा मिल सके। किसानों को पहले पोर्टल पर नुकसान की जानकारी खुद दर्ज करानी होगी, इसके बाद सरकार राजस्व अधिकारियों से सर्वे करवाएगी और तब किसानों के बैंक खाते में मुआवजा आएगा। उन्होंने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे 28 अप्रैल की तय तारीख से पहले ही पूरी और सही जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें।
चारों तहसीलों के किन-किन गांवों और खसरा नंबरों पर मिलेगा फायदा?
जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार के अनुसार, तहसील सिरसा के अंतर्गत निम्नलिखित गांवों के किसान पोर्टल पर दावा दर्ज करा सकते हैं:
गांव बग्गुवाली — खसरा नं. 53//21
गांव मीरपुर — खसरा नं. 9//4, 6, 7, 14, 15, 16, 17, 24, 25; 10//10, 11, 12, 19, 20, 21, 22/1, 22/2; 15//1, 2, 9, 10, 11/1/1, 11/1/2, 17/1/1; 16//5/2, 4, 5/1
गांव चामल — खसरा नं. 126//16, 17, 20, 24, 25/1, 25/2; 127//21, 22; 145//1, 2, 9, 10, 11, 12; 146//4, 5/1, 5/2, 6, 15/2
गांव खाई शेरगढ़ — खसरा नं. 69//18/1, 23; 78//3, 8
गांव खेरेकां — खसरा नं. 39//11
गांव रामनगर — खसरा नं. 41//1/2
तहसील डबवाली से एक गांव शामिल है:
गांव अबूबशहर — खसरा नं. 314//3
तहसील कालांवाली के तीन गांव:
गांव फग्गू — खसरा नं. 171//4/1
गांव रंगा — खसरा नं. 1//14
गांव लहंगेवाला — खसरा नं. 45//6, 7, 15; 46//1, 10
तहसील ऐलनाबाद के तीन गांव:
गांव ऐलनाबाद — खसरा नं. 115//9, 10, 11, 12, 13, 14
गांव भुर्टवाला — खसरा नं. 11//5, 7, 8, 14
ढाणी जटान — खसरा नं. 128//12, 19
हरियाणा में गेहूं की जली फसल पर मुआवजे को लेकर बैठक में 50 हजार रुपये प्रति एकड़ देने का सुझाव रखा गया है, हालांकि अंतिम फैसला जली फसलों का पूरा आकलन होने के बाद ही होगा। यानी जो किसान समय पर पोर्टल पर विवरण नहीं देंगे, उनका नुकसान इस आकलन में शामिल नहीं होगा और वे मुआवजे से वंचित रह सकते हैं।
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जिन जिलों में गेहूं की फसल जली है वहाँ के उपायुक्तों को वित्तीय आयुक्त राजस्व की तरफ से पत्र भेजकर किसानों को पोर्टल पर विवरण दर्ज कराने का संदेश भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं। Amar Ujala इसी कड़ी में सिरसा जिले के DRO संजय कुमार ने सभी 13 प्रभावित गांवों के किसानों से अपील की है कि वे खसरा नंबर और किला नंबर पास में रखकर पोर्टल पर जानकारी भरें ताकि कोई भी जरूरी जानकारी छूटे नहीं।
किसान ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल की वेबसाइट ekshatipurti.haryana.gov.in पर जाकर अपना दावा दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर किसान अपनी फसल, जमीन और संपत्ति के नुकसान की जानकारी दर्ज कर सकते हैं और सरकारी अधिकारियों तक सीधे अपना दावा पहुँचा सकते हैं। Sarkari Yojana जिला राजस्व अधिकारी ने साफ कहा है कि 28 अप्रैल 2026 के बाद दर्ज किए गए किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए किसान भाई जल्द से जल्द पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करवाएं।