तेज आंधी तूफान से ऐलनाबाद के इन गांवों में लाखों का नुकसान, खेतों में लगे सोलर पैनल व बिजली पोल टूटे
हरियाणा के सिरसा जिले में गुरुवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने जबरदस्त तबाही मचाई है। सबसे ज्यादा नुकसान ऐलनाबाद क्षेत्र के मिठनपुरा और कर्मशाना गांवों के बीच हुआ है। करीब दो किलोमीटर लंबे दायरे में तेज हवाओं ने किसानों के खेतों में लगे सोलर पैनलों को उखाड़ फेंका और बिजली के पोल तथा ट्रांसफार्मरों को तोड़ दिया। मौसम विभाग ने इससे पहले ही प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया था, जिसके बाद यह तूफान आया।
क्षेत्र के किसानों के मुताबिक, रात को आई तेज हवाओं ने सोलर पैनलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। गांव मिठनपुरा निवासी किसान सुभाष सहारण के खेत में लगे सोलर पैनल की प्लेटें उखड़ कर कई किलोमीटर दूर जा गिरीं। सोलर पैनल की प्लेटों के टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं। इसी तरह किसान कुलदीप मुंदलिया, विनोद सहारण और कई अन्य किसानों के सौर ऊर्जा उपकरण भी तूफान की चपेट में आ गए हैं। किसानों का कहना है कि तेज आंधी के चलते क्षेत्र में सोलर पैनलों को लगभग 100 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं ने बिजली के ट्रांसफार्मर और कई पोल तथा तारों को भी सड़कों पर गिरा दिया।
आंधी का असर सिर्फ खेतों तक ही सीमित नहीं रहा। मिठनपुरा और कर्मशाना को राजस्थान से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी पूरी तरह बंद हो गया। बनवारी लाल बगड़िया की ढाणी के आसपास करीब दो किलोमीटर के दायरे में आधा दर्जन बड़े कीकर के पेड़ जड़ से उखड़ कर सड़क पर जा गिरे। इस कारण उस रास्ते पर यातायात ठप हो गया। हालांकि, इस रूट से सफर करने वाली हरियाणा रोडवेज की एक बस सिरसा से ऐलनाबाद होते हुए राजस्थान के रावतसर को निकली थी, लेकिन प्रशासन ने पहले ही गांव के व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को सड़क बंद होने की जानकारी दे दी थी। इसके चलते बस ने शयोदानपुरा, ढाणी लाल खाँ और देईदास होते हुए अपना सफर तय किया। वन विभाग को भी पेड़ों के उखड़ने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
गौरतलब है कि 11 जून को हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। चेतावनी में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया गया था। बताया जाता है कि 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी हवाएं चल सकती हैं। इस तूफान का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिला। फतेहाबाद जिले में भी तेज हवाओं से 100 से ज्यादा बिजली पोल टूट गए, स्कूल टीचर की कार पर दीवार गिर गई और 150 किलोवाट का सोलर प्लांट तहस-नहस हो गया। इसके अलावा, कुरुक्षेत्र में 150 से ज्यादा बिजली पोल और करीब 100 पेड़ टूटे, वहीं चरखी दादरी में 340 पेड़ और 300 से अधिक बिजली पोल गिर गए। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में एक कच्चे मकान की छत गिरने से एक बुजुर्ग घायल हो गया।
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फिलहाल, मौसम विभाग ने 13 जून तक प्रदेश में फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। 12 जून को फिर से तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बेवजह घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। क्षतिग्रस्त सोलर पैनलों को लेकर बीमा कंपनियों का कहना है कि घर या खेत का बीमा कराते समय सोलर पैनल को अलग से ऐड-ऑन कवर में जरूर शामिल करना चाहिए, ताकि तूफान से हुए नुकसान की भरपाई हो सके। बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त पोल और ट्रांसफार्मरों को ठीक करने में जुटी हैं, जबकि प्रशासन ने सड़क से पेड़ हटाने का काम शुरू कर दिया है।