सिरसा में फायर कर्मचारियों की हड़ताल तेज, बिजली और रोडवेज यूनियन का मिला साथ
सिरसा। 16 फरवरी को फरीदाबाद के मुजेसर इलाके में हुए भयानक अग्निकांड और विस्फोट में दो फायर कर्मियों की मौत के बाद हरियाणा के दमकल कर्मचारियों में भारी रोष है। फरीदाबाद हादसे में जान गंवाने वाले दमकल कर्मी भवी चंद शर्मा और रणवीर सिंह के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सिरसा दमकल केंद्र पर कर्मचारियों का धरना लगातार जारी है।
रविवार को इस धरने ने तब और जोर पकड़ लिया जब अन्य कई बड़े कर्मचारी संगठनों ने इस हड़ताल को अपना खुला समर्थन दे दिया। बिजली विभाग, अध्यापक संघ और रोडवेज यूनियन के कर्मचारी भी फायर कर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो गए हैं। इस हड़ताल की अध्यक्षता फायर कर्मचारियों के जिला प्रधान राजेश खिचड़ ने की।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राजेश खिचड़ ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है। फरीदाबाद के मुजेसर में ड्यूटी के दौरान अपनी जान कुर्बान करने वाले कर्मियों के परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मंशा शांतिपूर्वक तरीके से काम करने की है, लेकिन सरकार की हठधर्मिता और मनमानी नीतियां उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रही हैं।
मांगे पूरी न होने पर दी चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी कर्मचारी हड़ताल करके खुश नहीं होता। लेकिन जब हकों को कुचला जाता है, तो संघर्ष ही एकमात्र रास्ता बचता है। उन्होंने हरियाणा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों के सब्र का और इम्तिहान न ले। इतिहास गवाह है कि जब-जब कर्मचारियों ने एकजुट होकर बड़े आंदोलन किए हैं, सरकार को झुकना ही पड़ा है। समय रहते मांगें पूरी की जाएं ताकि आम जनता को भी राहत मिल सके।
ये है मुख्य मांगः
- जान गंवाने वाले दोनों कर्मियों को 'शहीद' का दर्जा दिया जाए।
- पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मिले।
- प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी दी जाए।
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और वेतन सुधार हो।
इस रोष प्रदर्शन के दौरान फायर कर्मचारियों के अलावा अन्य संगठनों के भी कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। इनमें ब्लॉक प्रधान बलवंत सहारण, कोषाध्यक्ष सुखदेव सिंह, अध्यापक संघ से मास्टर बीरसिंह, विजय कुमार, विवेक कुमार शर्मा, रोहताश कुमार और महावीर शर्मा समेत भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने एक सुर में सरकार से तुरंत प्रभाव से मांगें लागू करने की अपील की है।