सिरसा: दमकल कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, 1 करोड़ मुआवजा और शहीद के दर्जे की मांग पर अड़े
सिरसा: फरीदाबाद के मुजेसर अग्निकांड में जान गंवाने वाले दो कर्मचारियों के लिए न्याय की मांग को लेकर सिरसा में दमकल (फायर ब्रिगेड) कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रही। जिला प्रधान राजेश खिचड़ की अगुवाई में कर्मचारियों ने सरकार से मृतक साथियों को 'शहीद' का दर्जा, 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। मांगे पूरी न होने पर यूनियन ने इसे अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदलने की चेतावनी दी है।
बीती 16 फरवरी को फरीदाबाद में आग बुझाते समय दमकल कर्मी भविचंद शर्मा और रणवीर सिंह गंभीर रूप से झुलस कर जान गंवा बैठे थे। इतने दिन बीतने के बाद भी सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को कोई राहत राशि नहीं दी गई है। प्रशासन के इसी रवैये से नाराज होकर सिरसा समेत पूरे हरियाणा के दमकल कर्मियों ने अपना काम छोड़कर दो दिन का धरना शुरू किया है।
धरने को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रधान रणबीर फगोडिया, सुरेन्द्र खिचड़ और बलराम जांदू ने कहा कि दमकल कर्मी हर रोज अपनी जान दांव पर लगाकर आम जनता की सेवा करते हैं। उन्होंने प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम दिया है कि अगर 9 अप्रैल तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे काम पर नहीं लौटेंगे और हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए चलेगी।
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इस राज्यव्यापी हड़ताल की वजह से सिरसा जिले में भी फायर ब्रिगेड की सेवाएं काफी प्रभावित हो रही हैं। किसी भी आगजनी या बड़ी दुर्घटना के समय आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस धरने में डबवाली, कालांवाली और रानियां ब्लॉक के अलावा बिजली निगम के राज्य प्रधान बाबूलाल व अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी हिस्सा लिया।