Sirsa News: इन 10 गांवों के किसान 23 अप्रैल तक दर्ज करवा सकते है ओलावृष्टि फसल नुकसान का ब्यौरा

सिरसा जिले में ओलावृष्टि और तेज बारिश से रबी 2025-26 की फसलें बर्बाद हुईं। प्रशासन ने 10 प्रभावित गांवों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला। किसान ekshatipurti.haryana.gov.in पर 23 अप्रैल तक नुकसान का ब्यौरा दर्ज कराएं, वरना मुआवजे से वंचित हो सकते हैं।
 

Haryana News-Sirsa: जिले में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और तेज वर्षा ने रबी सीजन 2025-26 की गेहूं समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे प्रभावित 10 गांवों के किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर जिले के कई गांवों में ओलावृष्टि व तेज वर्षा से फसलों को नुकसान हुआ है और प्रभावित किसान 23 अप्रैल तक अपना ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज करवा सकते हैं।

सिरसा जिले के कई गांवों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है और खेतों में पानी भरने और तेज ओलों की मार से फसलें गिर गईं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ा है। इस आपदा के बाद किसान आर्थिक संकट में हैं और सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने 10 चिन्हित गांवों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलवाकर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

किन 10 गांवों के लिए खुला है पोर्टल — देखें पूरी लिस्ट

जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार के अनुसार नुकसान के लिए पोर्टल पर ब्यौरा दर्ज कराने हेतु तीन तहसीलों के 10 गांवों को चिन्हित किया गया है। तहसील डबवाली के चार गांव — मसीतां, मौजगढ़, पन्नीवाला रूलदु और देसूजोधा — इसमें शामिल हैं। गोरीवाला उप-तहसील के पांच गांव — लंबी, मोडी, गोदिकां, कालूआना और गंगा — भी इस सूची में हैं। इसके अलावा रानियां तहसील का रानियां कस्बा भी प्रभावित गांवों में शामिल है।

सिरसा में इससे पहले तहसील कालांवाली के गांव गदरणा, तारुआना और तहसील डबवाली के जोगेवाला, फूल्लो, हेबुआना जैसे गांवों के किसानों के लिए 15 अप्रैल की डेडलाइन के साथ पोर्टल खोला गया था। Amar Ujala अब इस नए दौर में 10 और गांवों को जोड़ा गया है, जो दर्शाता है कि ओलावृष्टि का असर पहले आंके गए से कहीं अधिक गांवों तक फैला हुआ है।

मुआवजे के लिए किसान ऐसे दर्ज कराएं फसल नुकसान का ब्यौरा

किसानों को पहले खुद बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि के कारण हुए फसली नुकसान की जानकारी ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके बाद सरकार राजस्व अधिकारियों से सर्वे करवाएगी और तब जाकर किसानों के बैंक खाते में मुआवजे की राशि पहुंचेगी। Kisan Tak पोर्टल की वेबसाइट ekshatipurti.haryana.gov.in पर किसान अपनी फसलों का नुकसान का विवरण 23 अप्रैल तक दर्ज करें। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भरोसा दिलाया है कि नुकसान की भरपाई की जाएगी और किसानों को नुकसान के हिसाब से उचित मुआवजा दिया जाएगा।

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जो किसान इस 23 अप्रैल की आखिरी तारीख तक पोर्टल पर अपना ब्यौरा दर्ज नहीं करवाते, वे सरकारी मुआवजे से वंचित रह सकते हैं। रबी सीजन में पहले से ही गेहूं की खरीद चल रही है और ऐसे में फसल बर्बाद होने की दोहरी मार झेल रहे किसानों के लिए पोर्टल पर समय से ब्यौरा दर्ज कराना सबसे जरूरी काम है। तहसील डबवाली, गोरीवाला उप-तहसील और रानियां क्षेत्र के किसानों से अपील है कि वे किसी भी सामान्य सेवा केंद्र (CSC) या खुद अपने मोबाइल से पोर्टल पर लॉगिन कर विवरण भर सकते हैं।