पूर्व विधायक बलवान पूनिया के बेटे शुभम और कुम्हारिया सरपंच की बेटी दीपाशा की सगाई, गांव में हुआ गोद भराई समारोह
सिरसा जिले से सटे राजस्थान के भादरा विधानसभा से पूर्व विधायक कामरेड बलवान पूनिया के बेटे की सगाई सिरसा के कुम्हारिया गांव के सरपंच की बेटी से तय हुई है। कुम्हारिया के सरपंच रूपेश बैनीवाल इनेलो के वर्कर है। दोनों राजनीतिक घरानों के बीच पहले भी परिवारिक रिश्ता है और अब ये रिश्ता भी दोनों परिवार में अटूट हो गया।
इसे लेकर दोनों राजनीतिक घराने रविवार को कुम्हारिया में एकत्रित हुए। सरपंच रूपेश की बेटी दीपाशा की सगाई (गोद भराई रस्म) कार्यक्रम हुआ, जिसमें गांव और आसपास के लोग शामिल हुए। पूर्व विधायक बलवान पूनिया और उनके परिवार ने दीपाशा को रस्म पूरी कर आर्शीवाद दिया। सूत्रों की मानें तो जल्द ही शादी तय होने वाली है।
बलवान पूनिया राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भादरा तहसील के मलखेड़ा गांव के निवासी है और भारतीय कम्यूनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी से भादरा विधानसभा से पूर्व विधायक रहे हैं। बलवान पूनिया किसान परिवार से जुड़े हैं और डेयरी फार्म है। उनके दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा शुभम और छोटा साकेत पूनिया है। बेटे शुभम की सगाई सिरसा के कुम्हारिया के सरपंच रूपेश की बेटी दीपाशा से तय हुई है।
सिरसा के कुम्हारिया गांव के सरपंच रूपेश बैनीवाल पहली बार सरपंच बने हैं और इनेलो के वर्कर है। सरपंच रूपेश बैनिवाल बीए पास है और खेती-बाड़ी करते हैं। पुस्तैनी खेती बाड़ी संभालते है। उनकी दो संतान है, जिनमें एक बेटा निश्चय और एक बेटी दीपाशा है। 23 वर्षीय दीपाशा बीए पास है।
खेती-बाड़ी व किसान परिवार से जुड़े और किसान आंदोलन बनी पहचान
बलवान पूनिया का परिचय
- पहला चुनाव 2005 में जिला परिषद चुनाव लड़ा और जीता।
- साल 2008 में विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसमें 14 हजार वोट मिले।
- 2013 में भादरा से विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसमें 38 हजार वोट मिले।
- साल 2018 में पहली बार 21 हजार से चुनाव जीता और विधायक चुने गए।
- साल 2019 में चुरू लोकसभा से भी चुनाव लड़ चुके, पर जीते नहीं।
- 2023 में तीसरी बार फिर चुनाव लड़ा, पर 1132 वोटों के अंतर से हार मिली।