फसल खरीद के नए कानून के खिलाफ किसानों का फूटा गुस्सा, सिरसा मार्केट कमेटी का किया घेराव

 

Sirsa News: संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर सोमवार 20 अप्रैल को सिरसा मार्केट कमेटी कार्यालय का सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तीन घंटे घेराव किया गया। इस धरना-प्रदर्शन में किसान, मजदूर संगठनों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधि एकजुट होकर आंदोलन किया। प्रदेशभर में संयुक्त किसान मोर्चा ने मंडी में फसल बिक्री के नए नियम जबरदस्ती लागू किए जाने के विरोध में सभी मार्केट कमेटी कार्यालयों का 3 घंटे घेराव करने का आह्वान किया था। जिसके चलते सिरसा में मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया गया।

धरने में शामिल सभी किसान-मजदूर नेताओं ने एक सुर में ऐलान किया कि जब तक मंडी में फसल खरीद के नए कानून रद्द नहीं होते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। व्यापार मंडल के नेताओं ने भी घेराव का खुलकर समर्थन किया और कहा कि सरकार अपनी मनमानी नीतियों से किसानों और मजदूरों के साथ-साथ व्यापारियों को भी प्रताड़ित कर रही है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हरियाणा सरकार ने रबी सीजन 2026 में मंडी में फसल बेचने के लिए "मेरी फसल मेरा ब्यौरा" पोर्टल पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, वाहनों की गेट एंट्री पर फोटो, बायोमेट्रिक गेट पास और स्लॉट सिस्टम जैसे कई नए नियम लागू किए हैं। सरकार का कहना है कि इन नियमों का मकसद मंडी सिस्टम को डिजिटल और पारदर्शी बनाना तथा फर्जीवाड़ा रोकना है। लेकिन किसान संगठनों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर नेटवर्क और मशीनों की दिक्कतों के कारण छोटे और मझोले किसान सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का कोई प्रतिनिधि उनकी समस्याओं का समाधान करने नहीं आया। 

सिरसा के घेराव में जो सबसे अहम बात रही, वो यह थी कि इस बार सिर्फ किसान और मजदूर ही नहीं, बल्कि व्यापार मंडल भी खुलकर सड़क पर आया। व्यापारी नेता कीर्ति गर्ग ने साफ कहा कि सरकार की नीतियाँ व्यापारियों को भी बर्बाद कर रही हैं और इस लड़ाई में व्यापारी, किसान और मजदूर एक हैं।

इस मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा-1936 के राज्य महासचिव डॉ. सुखदेव सिंह जम्मू, सिरसा जिला कन्वीनर हमजिंदर सिद्धू, कृपा शंकर त्रिपाठी, एडवोकेट तिलक राज विनायक, जगरूप सिंह चौबुर्जा, राजेंद्र रूपवास, शिंदर पाल सिंह चौबुर्जा, इकबाल सिंह नेजा डेला कलां, हरमीत सिंह नेजा डेला कलां, भजनलाल बाजेकां, जसपाल विनायक सिकंदरपुर, सरदूल सिंह सिकंदरपुर, कर्मचारी नेता ललित कुमार सोलंकी, हैप्पी बक्शी, रामकिशन फौजी वैदवाला, बेअंत सिंह, सूरजभान विनायक सिकंदरपुर और व्यापारी नेता कीर्ति गर्ग समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द फसल खरीद के नए कानून वापस नहीं लिए तो आगे का संघर्ष और तेज किया जाएगा। सिरसा का यह घेराव प्रदेशव्यापी आंदोलन की एक कड़ी है और आने वाले दिनों में इसका असर जिले की मंडियों और खरीद प्रक्रिया पर सीधे पड़ सकता है।