सिरसाः चेक बाउंस से लेकर घरेलू विवाद तक, सिरसा लोक अदालत में 41 हजार में से 37 हजार केसों का निपटारा पास, जाने कब लगेगी अगली अदालत
सिरसा, डबवाली और ऐलनाबाद के न्यायालय परिसरों में शनिवार, 9 मई 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कानूनी अभियान में आपसी सहमति के जरिये 37 हजार से अधिक केसों का एक ही दिन में समाधान किया गया, जिससे आम जनता का पैसा और अदालती समय दोनों की बचत हुई।
41 हजार मामलों में से 37 हजार का सफल समाधान
शनिवार को सिरसा जिले की अलग-अलग अदालतों में पेंडिंग और प्री-लिटिगेशन स्टेज के कुल 41 हजार 416 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे। इनमें से 37 हजार 247 केसों का सफलतापूर्वक निपटारा कर दिया गया। समाधान किए गए इन मामलों के एवज में 7 करोड़ 60 लाख 65 हजार 411 रुपये की भारी भरकम राशि समायोजित (Settled) की गई है। इस बड़े अभियान को सिरे चढ़ाने के लिए जिले भर में कुल 6 विशेष बेंचों का गठन किया गया था, जिन्होंने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय सीधे बातचीत से हल निकाला।
चेक बाउंस, बैंक रिकवरी और दुर्घटना के केस निपटे
लोक अदालत में मुख्य रूप से लंबे समय से लटके दीवानी और फौजदारी (कंपाउंडेबल) के साधारण मामले रखे गए। इनमें चेक बाउंस (NI Act 138), बैंक लोन रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना क्लेम (MACT), और पारिवारिक झगड़े (घरेलू विवाद) शामिल थे। इसके अलावा बिजली-पानी के बिलों से जुड़े विवाद और ट्रैफिक चालान के केस भी निपटाए गए। जिन लोगों के केस कई महीनों या सालों से कोर्ट में तारीख-दर-तारीख खींच रहे थे, उन्हें बिना किसी भारी वकील फीस के आज एक ही दिन में बड़ी राहत मिली है।
लोक अदालत की प्रक्रिया को लेकर क्या बोलीं सीजेएम?
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) संतोष बागोतिया ने इस पूरी प्रक्रिया के फायदों पर रोशनी डाली। संतोष बागोतिया, सीजेएम ने कहा, "लोक अदालत की प्रक्रिया बड़ी सरल एवं संक्षिप्त है, क्योंकि इसमें दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत द्वारा समझौता करवाया जाता है, जिससे उनका आपसी मनमुटाव समाप्त हो जाता है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राधिकरण समय-समय पर लोक अदालतें आयोजित करता है ताकि नियमित न्यायालयों में लगने वाले कीमती समय की बचत हो सके और त्वरित न्याय व्यवस्था को बढ़ावा मिले।
सिरसा, डबवाली और ऐलनाबाद में इन जजों ने संभाली कमान
सिरसा मुख्यालय स्थित न्यायालय परिसर में प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट कृष्ण कांत, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवजीत क्लेयर, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सह एसीजेएम प्रवेश सिंगला और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) सह जेएमआईसी रिचू ने मामलों की सुनवाई की। उधर, डबवाली उपमंडल में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) सुमन पटलैन और ऐलनाबाद में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रतीक सिंह ने लोक अदालत की बेंच लगाकर फैसले करवाए। मुख्य आयोजन से ठीक पहले 6 मई को पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज सिरसा की पर्मानेन्ट लोक अदालत भी लगाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता चेयरमैन हरचरन सिंह और सदस्यों पवन सुथार व सरोज सोनी ने की।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के जारी कैलेंडर के अनुसार, अब अगली राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। जिन लोगों के मामले आज पेंडिंग रह गए हैं, वे अपनी फाइल सितंबर में लगने वाली अदालत के लिए तैयार करवा सकते हैं।