सिरसा के ओटू हेड पर किसानों की महापंचायत में बड़ा फैसला: 25 जून को सिंचाई मंत्री के घेराव की चेतावनी

 

सिरसा। हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन की समस्या के स्थाई समाधान जिसमें ड्रेन पर 1500 क्यूसिक की क्षमता का पंप सेट लगाने,ड्रेन की किसानों की निगरानी में सफाई करवाने की मांग को लेकर बुधवार को ओटू हेड पर सिरसा में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया।

पंचायत के बाद प्रशासन को ज्ञापन और जिला प्रशासन को चेतावनी दी गई कि अगर जल्द इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया तो चौपटा में पंचायत और सिंचाई मंत्री के आवास को 25 जून को घेरा जाएगा। आज की पंचायत की अध्यक्षता स्वर्ण सिंह विर्क, सुरजीत सिंह और प्रकाश ममेरा ने संयुक्त तौर पर की।  

किसान नेताओं ने बताया कि आज संयुक्त किसान मोर्चा ऐलनाबाद के तत्वावधान में पंचायत की गई, जिसमें हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन की मार झेल रहे भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद जिला के समस्त पीड़ित किसानों ने हिस्सा लिया। किसान पंचायत में जिला प्रशासन जिसमें एसडीएम और विभाग के अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता और एसडीओ मौके पर पहुंचे और उन्हें ज्ञापन दिया है। किसानों ने कहा कि इन मुद्दों के समाधान न होने की स्थिति में 22 जून को चौपटा में आंदोलन करने और 25 जून को सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के घर का घेराव करने का आह्वान किया है।

आज की पंचायत में समर्थन देने के लिए रानियां से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला, कांग्रेस विधायक भरत सिंह बैनीवाल के बेटे सुमित बैनीवाल, कांग्रेस जिला प्रधान संतोष बैनीवाल, जेजेपी जिला प्रधान अशोक वर्मा, चौपटा सरपंच रीटा कासनियां पहुंचे और किसानों के मुद्दों के प्रति अपना पूरा समर्थन जाहिर किया। पंचायत में किसान सभा के अनेक जिलों से सैकड़ों किसान और संयुक्त किसान मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन के घटक संगठन शामिल रहे।

महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता बलवान पूनिया ने कहा कि किसानों की इस तबाही की जिम्मेदार हरियाणा सरकार है। इन जिलों के किसानों की फसलों और घरों को बचाने की बजाय भाजपा सरकार डुबोने के काम कर रही है। लोगों ने बर्बादी के उस मंजर को देखा है, जिसमें उनके घर तबाह हो गए थे, सेम की समस्या के चलते खेतों में पैदावार नहीं हो रही और किसान मजदूर कर्जवान होते जा रहे हैं। जितने सोलर ट्यूबवेल लगवाए वो फेल है।

किसान नेताओं ने कहा कि अब लोग चुप नहीं बैठेंगे और अगर बारिश आने से पहले सरकार ने इन मुद्दों को हल नहीं किया तो किसान संगठन इस बार सरकार और अफसरशाही के घरों को घेरने को मजबूर होंगे। किसान पंचायत को इंद्रजीत सिंह, संदीप धीरनवास, हरि सिंह मंडा, दीवान सिंह, अभिमन्यु, मदन खोथ, राजेंद्र बालासर, राजकुमार शेखूपुरिया, सुरेंद्र सरपंच, गुरदीप, अनिल कासनियां, बलराम सहारन, राजेश बैनीवाल, बलबीर सिंह, दीवान सहारण, दिलबाग हुडा, रणधीर जोधकां, हमजिंदर, अभिमन्यु, गुरविंदर भाटी, जसबीर भाटी ,गुरदास, राधेश्याम वर्मा, शीतल सिंह आदि ने संबोधित किया।

ये है किसानों की प्रमुख मांगें:

ओटू हेड के पास हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन से पानी की निकासी के लिए 1500 क्यूसिक पानी की क्षमता की स्थाई मोटरों अथवा पंप सेट का निर्माण किया जाएं। जब तक स्थाई समाधान नहीं होता विभाग इसी स्थान पर ड्रेन के पानी को घग्गर में डालने के लिए अस्थाई पंप अभी से लगाएं।

हिसार घग्गर ड्रेन का पानी वापिस न चले इसके लिए अभी तुरंत प्रभाव से गेट लगाया जाएं।

हिसार घग्गर ड्रेन की किसानों की निगरानी में पूरी सफाई करवाई जाएं इसकी गाद निकाली जाए और निकलने वाली गाद या मिट्टी को इधर उधर डालने की बजायें इससे इसके बांध मजबूत किए जाएं।

ड्रेन के चलते अनेकों गावों में आने वाली सेम की समस्या को स्थाई हल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन में फैक्ट्रियों का गंदा पानी डालने से रोका जाएं और शहरों का गंदा पानी साफ करके इसमें डाला जाए।

घग्गर से निकलने वाली नहरों की सफाई की जाएं। ड्रेन की टेल पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाए आदि।