सिरसा में पेट्रोल पंप संचालकों के लिए नया आदेश: सिरसा में ड्रम या बल्क में तेल बेचने पर होगी सीधी कार्रवाई

 

सिरसा। जिले से सटे राजस्थान बॉर्डर पर पेट्रोल और डीजल की अवैध तस्करी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने बुधवार को तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों के साथ अहम बैठक कर सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी करने और ड्रम या भारी मात्रा में तेल की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में हाई स्पीड डीजल और पेट्रोल की असामान्य रूप से हो रही अधिक बिक्री और इसकी अनाधिकृत अंतरराज्यीय आवाजाही पर लगाम कसना है।

हरियाणा और राजस्थान के बीच ईंधन पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर यानी वैट में भारी अंतर है। इसके कारण हरियाणा में पेट्रोल और डीजल पड़ोसी राज्य के मुकाबले काफी सस्ता है। इसी का फायदा उठाकर कई लोग सिरसा के पंपों से भारी मात्रा में ईंधन खरीदकर उसे राजस्थान ले जाकर महंगे दामों पर बेच रहे हैं। 

इस अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक दूसरे राज्य में पुनः बिक्री के लिए ड्रम या बल्क में तेल बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिले में ईंधन की असामान्य बिक्री की समीक्षा के लिए बुलाई गई इस बैठक में पुलिस उपाधीक्षक सुखबीर सिंह, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक हरवीर सिंह, खाद्य आपूर्ति अधिकारी भूपेश गोयल और पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान ज्ञानचंद मेहता मौजूद रहे। 

इसके साथ ही आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राजस्थान की सीमा से सटे सभी संवेदनशील रास्तों पर विशेष पुलिस नाके स्थापित किए जाएंगे और संदिग्ध बिक्री व परिवहन गतिविधियों पर पुलिस और प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मुनाफे के चक्कर में नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही अतिरिक्त उपायुक्त ने आम जनता से भी एक अहम अपील की है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि सिरसा जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू है और ईंधन की कोई कमी नहीं है। इसलिए नागरिक किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से अपने घरों या प्रतिष्ठानों में तेल का भंडारण न करें।