सिरसा के प्राइवेट स्कूलों में किताबें-ड्रेस बेचने पर रोक, फीस पर भी सख्ती

 

सिरसा: नए शिक्षा सत्र (2026-27) के शुरू होते ही शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कस दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुनीता साईं ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी स्कूल अपने कैंपस के अंदर किताबें, ड्रेस या स्टेशनरी नहीं बेच सकेगा। उन्होने कहा कि अगर कोई  प्राइवेट स्कूल इन नियमों को तोड़ता है तो उस विद्यालय के खिलाफ विभाग द्वारा सीधी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग की तरफ से जिले के सभी गैर-सरकारी (प्राइवेट) स्कूलों को नई गाइडलाइंस भेज दी गई हैं। इसके मुताबिक, जिन प्राइवेट स्कूलों के पास सरकार की पक्की मान्यता या मंजूरी नहीं है, उन्हें तुरंत बंद करवाया जाएगा। इसके अलावा, स्कूल सिर्फ उसी क्लास तक बच्चों के एडमिशन कर सकेंगे और कक्षाएं लगाएंगे, जहां तक उन्हें विभाग से परमिशन मिली हुई है। स्कूल के बोर्ड पर भी मान्यता के हिसाब से ही नाम लिखना अनिवार्य किया गया है।

DEO सुनीता साईं ने बताया कि स्कूल प्रशासन बच्चों के माता-पिता को किसी खास दुकान या वेंडर से सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। स्कूलों को केवल शिक्षा विभाग द्वारा तय की गई किताबें ही बच्चों को पढ़ानी होंगी। इन किताबों की पूरी लिस्ट हर स्कूल को अपने खंड शिक्षा कार्यालय (BEO) में जमा करवानी होगी।

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इतना ही नहीं, इस लिस्ट को स्कूल के नोटिस बोर्ड पर भी लगाना होगा ताकि हर अभिभावक उसे आसानी से देख सके। फीस को लेकर भी विभाग ने आदेश साफ कर दिए हैं। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार के 'फार्म-6' के नियमों के हिसाब से ही बच्चों से फीस लें। अगर कोई भी स्कूल प्रबंधन इन सरकारी आदेशों को नहीं मानता है, तो उस पर होने वाली विभागीय कार्रवाई के लिए वह खुद जिम्मेदार होगा।