बिरजो मेट' की ईमानदारी ने जीता देश का दिल: सोशल मीडिया पर वायरल, मनरेगा मजदूरों का बना चहेता
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के परलीका गांव में रहने वाला एक साधारण मजदूर ‘बृजलाल’ उर्फ ‘बिरजो मेट’ आज देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मनरेगा योजना के तहत मेट का कार्य करने वाला यह शख्स अब सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। ईमानदारी और सरल स्वभाव ने इसे इतनी लोकप्रियता दिला दी है कि इसके नाम पर रीलें बन रही हैं, गाने गाए जा रहे हैं और यूट्यूब व इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर करोड़ों लोगों तक इसकी बातें पहुंच रही हैं।
गांव के संघर्ष से देशभर की पहचान तक
बृजलाल वर्ष 2009-10 से मनरेगा में मेट का कार्य कर रहे थे। जब अचानक अधिकारियों ने उन्हें ब्लैकलिस्ट कर हटाने का आदेश जारी किया, तो गांव के मजदूरों ने इसके विरोध में आवाज उठाई। मजदूरों, खासकर महिलाओं ने उनके समर्थन में जो ठेठ भाषा में नारे लगाए – "म्हाने तो सिर्फ बिरजो मेट ही चहिय" – उस वीडियो ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी।
“झोपड़ी में रह लूंगा लेकिन बेईमानी नहीं करूंगा”
बृजलाल का कहना है, “मैंने कभी किसी के हक का एक रुपये भी नहीं खाया। ईमानदारी से मेट की जिम्मेदारी निभाई। भले ही आज भी मेरे घर की पुताई नहीं हुई, लेकिन मैं आत्मगौरव से जी रहा हूं।” उनका कहना है कि कई बार परेशानियां आती हैं, लेकिन भगवान हमेशा ईमानदार के साथ होते हैं।
जनता बनी आवाज, नेताओं के फोन आए
जब बृजलाल को हटाया गया, तो वे चुप रहे, लेकिन मजदूरों और गांव वालों ने उनका साथ दिया। लोग उनके समर्थन में सड़कों पर उतर आए और यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंच गया। हालांकि फिलहाल उन्हें मौखिक तौर पर बहाल करने के आदेश मिल चुके हैं और लिखित आदेश का इंतजार है।
राजनीति से दूरी, समाजसेवा का संकल्प
जहां एक ओर नेताओं के फोन आ रहे हैं, वहीं बृजलाल का कहना है कि उन्हें राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। वे बस फिर से मेट बनकर ईमानदारी से काम करना चाहते हैं। “मेरी ईमानदारी ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है,” उन्होंने कहा।
युवाओं को संदेश: नशे से दूरी बनाएं
बातचीत के अंत में बृजलाल ने युवाओं से अपील की, “नशे से दूर रहकर समाजसेवा, शिक्षा और खेल की तरफ ध्यान दें। जिंदगी में वही व्यक्ति बड़ा बनता है, जो लोगों का दिल जीत लेता है। मैं सभी से कहना चाहता हूं कि अपना कार्य पूरी ईमानदारी से करें, लोग खुद-ब-खुद आपकी आवाज बन जाएंगे।”
बिरजो मेट (बृजलाल) से जुड़े सामान्य सवाल
Q1. बिरजो मेट कौन हैं?
उत्तर: बिरजो मेट का असली नाम बृजलाल है, जो राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के परलीका गांव के रहने वाले हैं। ये मनरेगा योजना में मेट के रूप में कार्य करते हैं और अपनी ईमानदारी के लिए सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।
Q2. बिरजो मेट वायरल क्यों हुए?
उत्तर: बिरजो मेट तब वायरल हुए जब उन्हें मनरेगा से हटाने पर गांव की महिलाओं ने विरोध किया और “म्हाने तो सिर्फ बिरजो मेट ही चहिय” कहती हुई एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
Q3. क्या बिरजो मेट को दोबारा बहाल कर दिया गया है?
उत्तर: जी हां, फिलहाल उन्हें मौखिक तौर पर बहाल करने के आदेश मिल चुके हैं, लेकिन लिखित आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है।
Q4. क्या बिरजो मेट राजनीति में आना चाहते हैं?
उत्तर: नहीं, बृजलाल उर्फ बिरजो मेट ने स्पष्ट किया है कि उनका राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है। वे सिर्फ ईमानदारी से अपनी नौकरी करना चाहते हैं।
Q5. बिरजो मेट ने युवाओं को क्या संदेश दिया है?
उत्तर: उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और समाजसेवा, खेल, शिक्षा व आपसी प्रेम की ओर ध्यान दें।