हरियाणा न्यूज :मारकंडा नदी ओवरफ्लो से कठवा में घुसा पानी, हिसार के स्कूल में जलभराव; फरीदाबाद में तेंदुए की मौत
हरियाणा में बारिश का कहर: 13 जिलों में अलर्ट जारी
हरियाणा में मॉनसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। अंबाला, यमुनानगर, नूंह और पलवल में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा पंचकूला, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है।
भारी बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खासकर कुरुक्षेत्र, हिसार और पंचकूला जिले के हालात ज्यादा बिगड़े हुए हैं।
मारकंडा नदी ओवरफ्लो, कठवा में घुसा पानी
कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद क्षेत्र में मारकंडा नदी ओवरफ्लो हो गई है। इस समय नदी का जलस्तर लगभग **26 हजार क्यूसेक पर पहुंच चुका है। इसके चलते कठवा गांव में पानी घुस गया है। सड़कों और खेतों में पानी भर जाने से ग्रामीणों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने कठवा के साथ-साथ गुमटी, पट्टी जामड़ा, मुगल माजरा, मलकपुर, कलसाना और तंगौर में भी **अलर्ट जारी** किया है। ग्रामीण इलाकों में फसलें जलभराव से खराब हो रही हैं और आवागमन प्रभावित हो गया है।
हिसार के सरकारी स्कूल में पानी घुसा
हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र के गांव राजली स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पानी घुस गया। बारिश के कारण खेतों में जमा हुआ पानी निचले इलाकों की ओर बह गया और सीधे स्कूल के मैदान व क्लासरूम तक पहुंच गया।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने स्कूल को अस्थायी तौर पर बंद करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के कारण उनकी फसलें भी भारी नुकसान झेल रही हैं।
पंचकूला के मोरनी क्षेत्र में टूटा पक्का रास्ता
पंचकूला जिले के मोरनी क्षेत्र में भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यहां गांव नरवाड़ का पक्का रास्ता टूट गया है। इसके चलते लोगों को मजबूरी में उफनते नाले को पार करना पड़ रहा है।
इससे स्थानीय लोग काफी नाराज हैं और प्रशासन से तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाले को पार करते नजर आ रहे हैं।
फरीदाबाद में तेंदुए की मौत
फरीदाबाद जिले में पाली रोड पर सुबह 5 बजे एक वाहन की टक्कर से तेंदुए की मौतहो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
वन विभाग ने तेंदुए के शव को अपने कब्जे में ले लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश और जंगल में पानी भरने की वजह से जंगली जानवर गांव और शहर की तरफ भटक रहे हैं। यह इंसानों और जानवरों दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है।
उकलाना और आसपास के गांवों में जलभराव
हिसार जिले के उकलाना हलके के गांव लितानी समेत आसपास के कई गांवों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। गांव की गलियां, तालाब और खेत पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं।
किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और ग्रामीणों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जलभराव की वजह से खेतों में खड़ी फसलों का नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
विधायक नरेश सेलवाल ने किया दौरा
गांव लितानी में बिगड़े हालात का जायजा लेने के लिए स्थानीय विधायक **नरेश सेलवाल** शनिवार को पहुंचे। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से बातचीत की और खेतों का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि केवल लितानी ही नहीं, बल्कि चमारखेड़ा, खैरी, कंडूल, साहू, साबरवास और अग्रोहा जैसे गांवों में भी फसलें जलभराव से पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं।
विधायक ने सरकार से मांग की कि:
सबसे पहले गांवों और खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए।
इसके बाद विशेष गिरदावरी कराकर किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए।
किसानों को अगली फसल की बुआई के लिए विशेष राहत पैकेज उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश
बीते दिन अंबाला की टांगरी नदी में आए उफान के बाद हालात गंभीर हो गए थे। इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि नदियों और नालों की स्थिति का सर्वे किया जाए और आपातकालीन तैयारी पूरी रखी जाए।
साथ ही, उन्होंने नदियों के किनारे बसे गांवों और कॉलोनियों के लिए पहले से आपदा प्रबंधन योजनाबनाने पर जोर दिया है।
नदियों का जलस्तर घटने लगा
आज सुबह राहत की खबर यह रही कि अंबाला की टांगरी नदी का जलस्तर कम हो गया है। कई रिहायशी घरों में घुसा पानी उतरना शुरू हो गया है। लोग धीरे-धीरे वापस अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। हालांकि प्रशासन अब भी सतर्क है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अलर्ट पर है।
हरियाणा इस समय लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान से जूझ रहा है। कुरुक्षेत्र की मारकंडा नदी, हिसार का सरकारी स्कूल, पंचकूला का मोरनी इलाका और फरीदाबाद की तेंदुआ घटनायह दिखाती है कि बारिश ने जनजीवन को गहराई से प्रभावित किया है
किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है और ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाने का संकट खड़ा हो गया है। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएं।