नाथूसरी चौपटा के स्कूलों में जड़ी-बूटी दिवस के रुप में मनाया गया आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिवस, स्कूलों में किया पौधारोपण
पतंजलि योग पीठ और भारत स्वाभिमान के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिवस सिरसा जिले में जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया। पतंजलि योग समिति हरियाणा के सह-राज्य प्रभारी आर्य विनोद सैनी ने नाथूसरी कलां, अरनियांवाली और जमाल के विभिन्न विद्यालयों में पौधारोपण कर विद्यार्थियों को योग का अभ्यास कराया।
विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हैं आचार्य बालकृष्ण
आचार्य बालकृष्ण को विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान प्राप्त है। उन्होंने 1 लाख से अधिक जड़ी-बूटियों और पेड़-पौधों पर शोध कर विश्व भेषज संहिता (एनसाइक्लोपीडिया) तैयार की है।
आयुर्वेद और चिकित्सा क्षेत्र में उनके इसी विशेष योगदान को सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिवस को जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी कड़ी में सिरसा जिले में जागरूकता और पौधारोपण अभियान चलाया गया।

अरनियांवाली और नाथूसरी कलां के स्कूलों में हुआ पौधारोपण
आयोजन की शुरुआत नाथूसरी तहसील के अरनियांवाली गांव स्थित विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से हुई। यहां तहसील प्रभारी रामकिशन खोथ के नेतृत्व में बच्चों को योग कराया गया और प्रांगण में पौधे लगाए गए।
इसके बाद नाथूसरी कलां के संत कबीर इंटरनेशनल विद्यालय में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान विद्यालय प्राचार्या, अम्बेडकर कासणिया, योग नर्सरी की प्रशिक्षक ममता जाखड़, रवि कुमार और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

जमाल विद्यापीठ में बच्चों को आयुर्वेद के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम के अगले चरण में जमाल गांव स्थित माता अनारी देवी विद्यापीठ में पौधारोपण किया गया। यहां प्रभुजी सैनी, विद्यालय के अध्यापकों और बच्चों ने मिलकर पौधे लगाए।
आर्य विनोद सैनी ने तीनों विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के योग व आयुर्वेद के क्षेत्र में किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में जड़ी-बूटियों के बढ़ते महत्व और स्वास्थ्य के लिए उनके उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

