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ऐलनाबाद हल्के के नाथुसरी चोपटा क्षेत्र में पहुंची कांग्रेस की सद्भावना यात्रा, राज्यसभा चुनाव पर बृजेंद्र सिंह ने कही ये बड़ी बात

 
Former MP Brijendra Singh addressing public during Congress Sadbhav Yatra in Ellenabad Nathusari Chopta

लनाबाद। पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने ऐलनाबाद हलके में नाथुसरी चोपटा क्षेत्र में पहुंची सद्भाव यात्रा के दौरान कहा कि क्षेत्रीय दलों के सहारे बीजेपी का मुकाबला करना एक सभंव नही है क्योंकि क्षेत्रीय दल समाज के एक वर्ग तक सीमित होते हैं । सिर्फ कांग्रेस ही बीजेपी का मुकाबला कर सकती है जो सभी वर्गों को साथ लेकर चलती हो। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही सद्भाव यात्रा रविवार को अपने 169 वें दिन ऐलनाबाद हलके में पहुंची जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। यात्रा की शुरूआत ऐलनाबाद हलके के  गांव दड़बा कलां से कांग्रेस अध्यक्ष संतोष बेनीवाल की अगुवाई में शुरु हुई उसके बाद गांव चौपटा, गांव  नाथूसरी, गांव गिगोरानी से होते हुए गांव कागदाना में संपंन हुई ।

Brijendra Singh Sadbhav Yatra in Ellenabad Chopta

कांग्रेस ही क्यों है मुख्य प्रतिद्वंद्वी

उन्होंने कहा कि बीजेपी कभी भी क्षेत्रीय दलों को अपना मुख्य प्रतिद्वंद्वी नहीं मानती। संसद में भी बीजेपी नेताओं का हमला ज्यादातर कांग्रेस और गांधी परिवार पर ही केंद्रित रहता है। इसका सीधा कारण यह है कि कांग्रेस एक समावेशी विचारधारा की पार्टी है, जो सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात करती है। यही वजह है कि बीजेपी को सबसे ज्यादा खतरा कांग्रेस से ही महसूस होता है। हरियाणा की राजनीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में क्षेत्रीय दल काफी  मजबूत स्थिति में थे। ये दल एक ही राजनीतिक धारा का हिस्सा थे और सत्ता के लिए सीधा मुकाबला करते थे। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और ये क्षेत्रीय दल काफी कमजोर हो गए हैं, जिससे प्रदेश में सीधा मुकाबला दो राष्ट्रीय दल बीजेपी और कांग्रेस के बीच रह गया है।

राज्यसभा चुनाव पर उठाए सवाल

हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पहले इस तरह के चुनाव काफी सरल होते थे और विधायकों की संख्या के आधार पर सीटें तय हो जाती थीं। लेकिन अब इसमें “साम, दाम, दंड, भेद” जैसी राजनीति खुलकर सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी और लगभग अपना लक्ष्य हासिल कर लिया था, लेकिन एक वोट रद्द हो जाने के कारण उनकी योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी।

कांग्रेस की चुनौतियां और कमजोरियां

बृजेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि कांग्रेस के भीतर भी कई कमजोरियां आई हैं। उन्होंने कहा कि लगातार तीन बार सत्ता में न आने से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर पड़ता है। 11 साल तक सत्ता से बाहर रहने के बाद अनिश्चितता बढ़ जाती है, जिससे इस तरह की राजनीतिक घटनाएं देखने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस को सत्ता में लाना चाहती थी और बीजेपी को हटाने का मन बना चुकी थी, लेकिन पार्टी अपनी कमियों के कारण उस मौके का फायदा नहीं उठा पाई। 

संतोष बेनीवाल- जिलाध्यक्ष, सुभाष सरपंच मखोसरानी, गजानंद सोनी- प्रधान सैनी समाज, वेदपाल ढिल्लों- उपाध्यक्ष केसीसी कांग्रेस, परवीन ढिल्लों, डॉ. ओम प्रकाश बेनीवाल, सुरेंद्र बिश्नोई, ओम प्रकाश दड़वा, उमेद बेनीवाल, बीरेंद्र सिंह, सत्य प्रकाश सरपंच, रणधीर सिंह, चेयरमैन गुरमेल, सुभाष कासनिया सरपंच, प्रेम शर्मा इस दौरान मौजूद रहे ।

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