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सिरसा में मछली पालन के लिए कुल लागते के आधे से ज्यादा पैसे देगी सरकार, जाने कैसे करें आवेदन

 
हरियाणा में मत्स्य पालन विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के लिए सब्सिडी योजना

सिरसा। मत्स्य पालन विभाग ने सिरसा जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के मत्स्य उत्पादकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अनुदान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत मछली पालन और बिक्री से जुड़े उपकरणों की खरीद पर सरकार 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है, जिसका लाभ सीधे तौर पर जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा।

जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और मत्स्य पालन को एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में स्थापित करना है। योजना के तहत गांव का पंचायती तालाब ठेके पर लेने वाले मत्स्य पालकों को पहले वर्ष की लीज राशि का पचास प्रतिशत हिस्सा सरकारी अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा मछली पकड़ने के जाल और मछली उत्पाद बेचने के लिए रेहड़ी, गैस चूल्हा, स्टोव व बर्तन जैसी आवश्यक सामग्री खरीदने पर भी विभाग द्वारा भारी छूट प्रदान की जा रही है।

संसाधनों की खरीद के लिए विभाग ने कुल 60 हजार रुपये की अधिकतम परियोजना लागत तय की है। इस पर सरकार की ओर से 60 प्रतिशत यानी अधिकतम 36000 रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़ा कोई भी पात्र व्यक्ति हर तीन साल में एक बार इस सरकारी छूट का फायदा ले सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार पैदा करने की दिशा में विभाग की यह पहल नीली क्रांति को भी बढ़ावा दे रही है।

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योजना का लाभ लेने के लिए प्रशासन ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं। आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होने के साथ-साथ अनुसूचित जाति वर्ग से होना अनिवार्य है। उसकी उम्र अठारह वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और उसके पास परिवार पहचान पत्र होना सबसे जरूरी है। इसके अलावा आवेदक किसी भी सरकारी या अर्ध सरकारी विभाग में कार्यरत नहीं होना चाहिए।

पात्र लाभार्थी घर बैठे सीएससी सेंटर या खुद सरल हरियाणा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाया गया है।

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया:

  1. आवेदन के समय परिवार पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र और अनुसूचित जाति का वैध प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  2. पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र में से किसी एक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  3. उपकरण खरीद या रेहड़ी के साथ लाभार्थी की एक स्पष्ट फोटो भी संलग्न करनी होगी।
  4. विभाग और मत्स्य किसान के बीच एक निर्धारित अनुबंध पत्र तैयार होगा, जिसे पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
  5. सभी दस्तावेज पूरे होने पर सरल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर फॉर्म सबमिट किया जा सकता है, जिसके बाद विभाग इसकी छंटनी कर सब्सिडी जारी करेगा।
     
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