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हरियाणा रोडवेज की 5-6 नवंबर को हड़ताल! सिरसा में पहले ही 100 बसें हुई थीं बंद, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

 
हरियाणा रोडवेज की 5 और 6 नवंबर को प्रस्तावित हड़ताल, सिरसा में पहले 100 से ज्यादा बसें बंद रहने और यात्रियों की परेशानी को दर्शाता Chopta Plus न्यूज.

Haryana Roadways Strike 2026: हरियाणा में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश में एक बार फिर रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर 5 और 6 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। ऐसे में दिल्ली, चंडीगढ़, हिसार, गुरुग्राम और राजस्थान की तरफ जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इससे पहले सिरसा रोडवेज डिपो में कर्मचारियों के आंदोलन के कारण 100 से ज्यादा बसें सड़कों पर नहीं उतर पाई थीं। बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को काफी दिक्कत हुई थी। अब प्रदेशव्यापी हड़ताल के ऐलान के बाद एक बार फिर यात्रियों की नजर रोडवेज बसों के संचालन पर टिकी हुई है।

5 और 6 नवंबर को क्यों हो सकती है रोडवेज की हड़ताल?

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा की ओर से अपनी मांगों को लेकर 5 और 6 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं और कई बार मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ है।

इसी के विरोध में कर्मचारियों ने दो दिन तक बसों का चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। अगर हड़ताल होती है तो प्रदेश के विभिन्न रोडवेज डिपो में बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है।

कर्मचारियों की ये मांगें हैं प्रमुख

रोडवेज कर्मचारियों की ओर से कई मांगें उठाई जा रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  •  हरियाणा रोडवेज के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
  •  रोडवेज के बेड़े में नई बसें शामिल की जाएं।
  •  खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती की जाए।
  •  चालक और परिचालकों की लंबित मांगों का समाधान किया जाए।
  •  कर्मचारियों को ओवरटाइम और अन्य लंबित भत्तों का भुगतान किया जाए।
  •  किलोमीटर स्कीम से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लिया जाए।
  •  कर्मचारियों की सेवा शर्तों और वेतन संबंधी मांगें पूरी की जाएं।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

सिरसा में 100 से ज्यादा बसें रही थीं बंद

रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन का असर सिरसा डिपो में भी देखने को मिला था। 1 और 2 नवंबर को कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण 100 से ज्यादा बसें सड़कों पर नहीं उतर पाई थीं।

इसका असर दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, हिसार और राजस्थान की तरफ जाने वाले रूटों पर भी पड़ा था। बसें नहीं मिलने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और दूसरे शहरों में जाने वाले यात्रियों को परेशानी हुई।

हालांकि, सिरसा में स्थानीय स्तर पर चल रहा आंदोलन 2 नवंबर की शाम को रोडवेज महाप्रबंधक की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त कर दिया गया था। ऐसे में सिरसा में पहले हुई बसों की बंदी और 5-6 नवंबर की प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल को अलग-अलग समझना जरूरी है।

दिल्ली-चंडीगढ़ समेत इन रूटों पर पड़ सकता है असर

अगर 5 और 6 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल होती है तो लंबे रूटों के साथ स्थानीय बस सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

इन रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है:

  •  सिरसा से दिल्ली
  •  सिरसा से चंडीगढ़
  •  सिरसा से हिसार
  •  सिरसा से गुरुग्राम
  •  सिरसा से जयपुर
  •  सिरसा से हनुमानगढ़
  •  सिरसा से डबवाली और ऐलनाबाद

नाथूसरी चौपटा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय या दूसरे शहरों में जाने वाले यात्रियों को भी बसों की उपलब्धता की जानकारी लेकर ही घर से निकलना चाहिए।

बस से सफर करने वाले यात्री क्या करें?

5 और 6 नवंबर को यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि बस स्टैंड पहुंचने से पहले संबंधित डिपो से बसों के संचालन की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। यदि किसी जरूरी काम से दूसरे शहर जाना है तो वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था भी ध्यान में रखें।

फिलहाल यात्रियों को यह देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं।

अब सबकी नजर 5 और 6 नवंबर पर

हरियाणा रोडवेज की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर प्रदेशभर के यात्रियों की नजर अगले दो दिनों पर है। अगर कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहते हैं और हड़ताल होती है तो हजारों यात्रियों की रोजमर्रा की यात्रा प्रभावित हो सकती है। वहीं, बातचीत के जरिए समाधान निकलने पर बस सेवाएं सामान्य रह सकती हैं।

इसलिए 5 और 6 नवंबर को यात्रा करने से पहले अपने नजदीकी रोडवेज बस स्टैंड से ताजा जानकारी जरूर लें।

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