गांव नाथूसरी कलां में नशा बेचने वाले को युवकों दबोचा, पंचायत ने सुनाया ऐसा फैसला कि हर कोई कर रहा तारीफ
सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव नाथूसरी कलां में सोमवार रात को ग्रामीणों ने नशे की गोलियां बेचने वाले और नशा करने वाले दो युवकों को काबू कर लिया। गांव के युवकों ने शनि मंदिर के पास से एक युवक को नशे की गोलियों के साथ पकड़ा, जबकि दूसरा युवक बाइक पर गोलियां पहुंचाकर फरार हो गया। मंगलवार सुबह गांव में पंचायत हुई जिसमें दोनों युवकों ने भविष्य में नशा न करने और न बेचने की बात कबूली।
शनि मंदिर के पास रात को हुई वारदात
गांव के युवकों ने सोमवार रात को शनि मंदिर के पास से एक युवक को नशे की गोलियों के साथ पकड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि बाइक पर आए युवक जाकिर ने राजकुमार को नशे की गोलियां दीं। इसके बाद गांव के युवकों ने राजकुमार को काबू कर लिया।
राजकुमार के पास से सात नशे की गोलियां बरामद हुईं, जबकि तीन गोलियां उसने जल्दी से निगल लीं। ग्रामीणों ने दोनों युवकों के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए और उन्हें पुलिस को सौंपने का फैसला किया।
गांव में हुई पंचायत, युवकों ने कबूली गलती
मंगलवार सुबह गांव में ग्रामीणों की पंचायत हुई। पंचायत में नशा बेचने वाले जाकिर और नशा करने वाले राजकुमार को बुलाया गया। दोनों युवकों ने पंचायत के सामने नशा बेचने और नशा करने की बात कबूली और भविष्य में ऐसा नहीं करने का वादा किया।
युवकों के परिजनों ने भी पंचायत के सामने गांव के लोगों का सहयोग करने की बात कही। ग्रामीणों ने नशा छुड़वाने के लिए युवकों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
पांच दिन पहले ही लिया जा चुका था बड़ा फैसला
गांव निवासी समाजसेवी रघुवीर कड़वासरा, खिराज कस्वा, मास्टर पाला राम, सुरेंद्र कासनियां, बलराम कासनियां, बलवान निम्मूवाल और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नशे के खिलाफ पांच दिन पहले ही एक पंचायत हो चुकी थी।
उस पंचायत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि नशा तस्कर की जमानत न तो पंचायत करवाएगी और न ही कोई ग्रामीण। यदि किसी ग्रामीण ने नशा तस्कर की जमानत करवाई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नशा बेचने व करने वालों के खिलाफ सख्त रुख
पंचायत ने यह भी फैसला लिया कि नशा बेचने व नशा करने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी जाएगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा।
गांव की सरपंच रीता कासनियां ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों का विनाश करता है। युवाओं को इस बुराई से दूर रखना सभी की जिम्मेदारी है।
निगरानी कमेटी का गठन
ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत करने के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया है। यह समिति गांव में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी और तुरंत पुलिस व पंचायत को सूचना देगी।
पंचायत ने यह भी निर्णय लिया कि नशा तस्करी में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। यहां तक कि ऐसे लोगों के परिवारों को गांव छोड़ने के लिए भी कहा जा सकता है।
गांव को नशामुक्त बनाने की मुहिम
नाथूसरी कलां के ग्रामीणों ने गांव को नशामुक्त बनाने के लिए यह मुहिम छेड़ी है। पंचायत के फैसलों के बाद गांव में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त माहौल बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नशे की लत से युवा पीढ़ी को बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पंचायत के इन फैसलों से गांव के अन्य युवकों में भी नशे के खिलाफ जागरूकता आई है और वे नशा तस्करों पर नजर रख रहे हैं।
