https://www.choptaplus.in/

Sirsa News: नाथूसरी कंला गांव के खेतों में लगी भंयकर आग, 400 क्विंटल तूड़ी जलकर राख

 
Wheat straw fire burning 20 acres in Nathusari Kalan village Sirsa Haryana while fire brigade on strike — fire brigade strike Sirsa wheat straw fire

सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव नाथूसरी कलां में मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे गेहूं के भूसे में अचानक आग लग गई। हवा का साथ मिलते ही आग ने देखते-देखते विकराल रूप ले लिया और 20 एकड़ में फैले भूसे व तूड़ी के ढरों को अपनी चपेट में ले लिया। किसान सुशील कस्वां, राजवीर जांगड़ा, राजेंद्र जांगड़ा, जगदीश और सतवीर कासनियां  ने अपने खेतों में पशुओं के चारे के लिए इकट्ठी की गई 400 क्विंटल तूड़ी जलकर राख हो गई।

आग लगते ही ग्रामीणों ने सबसे पहले फायर ब्रिगेड विभाग को फोन किया, लेकिन फोन बंद आ रहा था। इसके बाद डायल 112 पर सूचना दी गई। डायल 112 की टीम ने जब दमकल विभाग से संपर्क किया तो पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं और गाड़ियां नहीं भेजी जा सकतीं। दमकल की गाड़ी न पहुचने के कारण आग 20 एकड़ में फैल चुकी थी और 4 तूड़ी के बड़े ढरे राख हो चूके थे। मजबूरी में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही आग बुझाने की कोशिश की।

Nathusari Kalan Wheat Straw Fire Sirsa 2026

सिरसा जिले के अग्निशमन विभाग के 141 कर्मियों में से 95 कर्मचारी हड़ताल में शामिल थे। प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए रोडवेज विभाग के करीब 15 कर्मचारियों की ड्यूटी दमकल विभाग में लगाई थी और प्रत्येक चालक के साथ एक होमगार्ड जवान भी तैनात किया गया था। लेकिन नाथूसरी कलां की घटना के वक्त यह वैकल्पिक व्यवस्था काम नहीं आई — विभाग का फोन तक बंद होने के कारण इतना बड़ा नुकसान हो गया।

इस घटना में 4 बड़े तूड़ी के ढरों में से 400 क्विंटल तूड़ी और 10 एकड़ में तूड़ी बनाने के लिए बिछाया गया सूखा भूसा — दोनों मिलाकर पूरी तरह राख हो गए। यह तूड़ी किसानों ने अपने पशुओं के लिए साल भर के चारे के रूप में इकट्ठी की थी, जिसका नुकसान सीधे उनकी आजीविका पर पड़ेगा।

Nathusari Kalan Wheat Straw Fire Sirsa 2026

ग्रामीणों ने आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन किसानों ने बताया कि तूड़ी के ढरों में अभी भी धुआं उठ रहा है और आग पूरी तरह बुझी नहीं है। किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि अगर हवा का एक झोंका भी आया, तो पास के खेतों में रखा बचा-खुचा भूसा भी आग की चपेट में आ सकता है। किसान चाहते हैं कि प्रशासन तुरंत मौके पर दमकल गाड़ी भेजे और धुआं उठा रहे ढरों को पूरी तरह बुझाया जाए। साथ ही जले हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग भी उठाई जा रही है।

Rajasthan