Sirsa News: चौपटा के गांव खेड़ी में घर में गिरा पाकिस्तानी गुब्बार, ग्रामीणों में हडकंप
Sirsa News: हरियाणा के सिरसा जिले में बुधवार 22 अप्रैल 2026 को उस समय अफरातफरी मच गई जब नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव खेड़ी की एक ढाणी में पाकिस्तान का नाम, PIA (पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस) और चांद-सितारा लिखा हुआ हवाई जहाज के आकार का गुब्बारा आकर गिर गया। ढाणी में रहने वाले जयवीर सिंह शर्मा की नजर जैसे ही इस गुब्बारे पर पड़ी, उन्होंने फौरन कागदाना चौकी पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही कागदाना चौकी इंचार्ज दीपक शर्मा पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
गांव निवासी हरदत पूनियां व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि खेत में बनी ढाणी के अंदर गुब्बारा मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्रित हो गए। कागदाना चौकी इंचार्ज दीपक शर्मा ने बताया कि गुब्बारे पर PIA लिखा हुआ है और यह हल्का है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह गुब्बारा हवा के रुख के कारण उड़ते-उड़ते सिरसा तक पहुंच गया।
हरियाणा-राजस्थान सीमा से सटे गांव में PIA गुब्बारा — पहले भी कई राज्यों में मिल चुके हैं ऐसे गुब्बारे
यह पहली बार नहीं है जब भारत की सीमा के पास के गांवों में PIA लिखा गुब्बारा मिला हो। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भी एक खेत के पास बबूल के पेड़ में अटका गुलाबी और सफेद रंग का गुब्बारा मिला था, जिस पर पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का चिन्ह, चांद-सितारे का निशान और उर्दू में कुछ लिखा हुआ था। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में भी हवाई जहाज के आकार का पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस लिखा गुब्बारा मिला था।

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार PIA पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का संक्षिप्त रूप है और ये गुब्बारे संभवतः हवा में उड़कर सीमा पार पहुंच जाते हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से हर मामले की जांच अनिवार्य है। गांव खेड़ी का यह इलाका हरियाणा-राजस्थान सीमा से सटा हुआ है, जो सामरिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि इससे पहले भी सीमावर्ती इलाकों में ऐसे गुब्बारे मिल चुके हैं।
पुलिस ने गुब्बारा कब्जे में लिया — आगे की जांच जारी
कागदाना चौकी इंचार्ज दीपक शर्मा ने मौके पर पहुंचकर गुब्बारे का बारीकी से निरीक्षण किया और उसे कब्जे में ले लिया। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचती हैं और प्रारंभिक जांच में इसे साधारण खिलौना गुब्बारा बताया जाता है, हालांकि किसी खतरे की पूरी तरह पुष्टि या इनकार जांच के बाद ही होती है। पुलिस ने ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई और उन्हें घबराने से मना किया।
