विधायकों को फुल ऐश, कर्मचारियों पर कैंची: एलटीसी नियम बदलने पर हरियाणा में भड़के पेंशनर्स
Sirsa News: हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार के मानव संसाधन विभाग ने 13 मार्च 2026 को एक नया आदेश जारी कर एलटीसी (Leave Travel Concession) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस नए फरमान के अनुसार, 1 जनवरी 2028 से कर्मचारियों और पेंशनरों को एलटीसी के बदले एक महीने का वेतन या पेंशन लेने की सुविधा नहीं मिलेगी। इस तारीख के बाद एलटीसी का लाभ केवल तभी मिलेगा जब कर्मचारी या पेंशनर वास्तव में यात्रा करेंगे।
31 दिसंबर 2027 तक ही है मौका
सरकार के जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 2026-2029 के एलटीसी ब्लॉक के दौरान कर्मचारी 31 दिसंबर 2027 तक ही एलटीसी के बदले एक महीने की सैलरी लेने का लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद यह विकल्प हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। यानी, जो भी कर्मचारी या पेंशनर यात्रा करने के बजाय सीधे एक महीने की सैलरी लेना चाहते हैं, उन्हें इस तय समय सीमा से पहले ही अपना लाभ सुनिश्चित करना होगा।
पेंशनर समाज में भारी रोष, बताया 'विवेकहीन निर्णय'
सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों और खासकर बुजुर्ग पेंशनर्स में भारी रोष है। हरियाणा स्टेट पेंशनर समाज ने इसका कड़ा विरोध किया है। राज्य उपप्रधान गुरदीप सैनी और जिला अध्यक्ष राजेंद्र मोहन गुप्ता ने इसे कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों पर सीधा कुठाराघात बताया। उनका तर्क है कि रिटायरमेंट के बाद वृद्धावस्था के कारण पेंशनर्स के लिए शारीरिक रूप से यात्रा करना काफी मुश्किल हो जाता है, ऐसे में बिना यात्रा के मिलने वाली आर्थिक मदद को रोकना पूरी तरह से बेतुका निर्णय है।
विधायकों-सांसदों की सुविधाओं पर उठाए गंभीर सवाल
पेंशनर समाज ने सरकार की मंशा और जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सवाल खड़े किए हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि एक कर्मचारी अपनी जिंदगी के 35-40 साल सरकार की सेवा में खपा देता है, जबकि केवल 5 साल के लिए चुनकर आने वाले विधायकों (MLA) और सांसदों (MP) को सभी प्रकार की वीआईपी सुविधाएं मिलती हैं। यूनियन ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार कर इसे तुरंत निरस्त करने और बुजुर्ग पेंशनर्स का सम्मान बहाल करने की सख्त मांग की है।
