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मोहम्मदपुरिया के किसान की बेटी समायरा ने रचा इतिहास, नीट यूजी 2026 में 643 अंक और ऑल इंडिया रैंक 1963 के साथ बढ़ाया सिरसा का मान

 
NEET UG 2026: 643 अंक और ऑल इंडिया रैंक 1963, सिरसा की बेटी समायरा बनीं गांव की प्रेरणा

सिरसा जिले के रानियां क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुरिया की बेटी समायरा ने अपनी शानदार कामयाबी से साबित कर दी है। किसान परिवार से आने वाली समायरा ने नीट यूजी 2026 में 643 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 1963 हासिल की है। इस उपलब्धि के बाद पूरे गांव में खुशी का माहौल है और हर कोई इस होनहार बेटी की सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है। 

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परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी और बेटी के सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास किया। ग्रामीण परिवेश में रहते हुए भी समायरा ने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और कठिन मेहनत के दम पर उन्होंने देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। परिवार का कहना है कि समायरा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही हैं और डॉक्टर बनने का सपना लंबे समय से देख रही थीं। अब उनकी मेहनत रंग लाई है और उनका सपना साकार होने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ चुका है।

गांव मोहम्मदपुरिया में जैसे ही परिणाम की जानकारी पहुंची, बधाई देने वालों का तांता लग गया। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों ने परिवार को शुभकामनाएं दीं। कई लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि समायरा ने यह साबित कर दिया कि यदि परिवार का सहयोग और स्वयं का समर्पण हो तो गांवों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

समायरा की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन हजारों ग्रामीण छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। उन्होंने यह संदेश दिया है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।

अब समायरा का लक्ष्य एक कुशल और संवेदनशील डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है। उनका मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। भविष्य में वह ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करना चाहती हैं।

समायरा की इस उपलब्धि ने सिरसा जिले का गौरव बढ़ाया है। यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे मोहम्मदपुरिया गांव और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। आज गांव की बेटियां उन्हें अपनी प्रेरणा मान रही हैं और अभिभावकों में भी शिक्षा के प्रति नई जागरूकता देखने को मिल रही है।समायरा की यह कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। किसान परिवार की यह बेटी आज लाखों युवाओं के लिए उम्मीद, प्रेरणा और आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुकी है। आने वाले समय में जब वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करेंगी, तब यह उपलब्धि और भी अधिक प्रेरणादायक बन जाएगी। सिरसा सहित पूरे क्षेत्र को इस होनहार बेटी पर गर्व है।

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