सिरसा में 19 मार्च को किसानों का बड़ा प्रर्दशन, फसल बीमा घोटाला और18 गांवों का बकाया क्लेम नहीं न मिलने से नाराज है किसान
किसान आंदोलन भाग-2 को उजाड़े जाने की पहली बरसी पर 19 मार्च को लघु सचिवालय सिरसा में भगवंत मान सरकार का पुतला फूंका जाएगा।
BKE प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की अगुवाई में पांच गांवों में जनसंपर्क अभियान पूरा, किसानों से सुबह 10:30 बजे शहीद भगत सिंह स्टेडियम पहुंचने की अपील।
फसल बीमा घोटाला, नहर पानी की बाधित सप्लाई, परमल धान खरीद में लूट और BT कॉटन किसानों की समस्याएं — उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सिरसा (Chopta Plus): भारतीय किसान एकता (BKE) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की अध्यक्षता में सिरसा जिले के गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर किसानों को 19 मार्च के प्रदर्शन के लिए एकजुट किया जा रहा है। शंभू व खनौरी बॉर्डर पर 401 दिनों से शांतिपूर्वक चल रहे किसान आंदोलन भाग-2 को पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 19 मार्च 2025 को केंद्र के इशारे पर उजाड़ा था और किसानों की ट्रालियों सहित सामान लूटा था। इस अत्याचार की पहली बरसी पर 19 मार्च को सिरसा के लघु सचिवालय में पुतला दहन के बाद उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
पांच गांवों में जनसंपर्क — 'हक की आवाज के लिए स्टेडियम पहुंचो'
मंगलवार को BKE टीम ने गांव निरबान, गुड़ियाखेड़ा, शाहपुरिया, चाहरवाला और वीरूवालागुढ़ा में किसानों से मुलाकात कर उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। औलख ने किसानों से कहा कि वीरवार 19 मार्च को सुबह 10:30 बजे शहीद भगत सिंह स्टेडियम, बरनाला रोड, सिरसा पहुंचें ताकि सामूहिक रूप से अपने हकों की आवाज उठाई जा सके।

फसल बीमा घोटाला, नहर पानी बाधित, धान खरीद में लूट — ज्ञापन में उठेंगे ये मुद्दे
औलख ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियां किसानों के साथ बार-बार गड़बड़ी कर रही हैं। खरीफ 2025 में भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ से सिरसा जिले में बड़ा नुकसान हुआ, लेकिन कई गांवों को न मुआवजा मिला न बीमा क्लेम। किसानों से पूरे रकबे का बीमा प्रीमियम काट कर महज 1-2 एकड़ का क्लेम जारी किया गया। एक्स्ट्रा पॉल्यूशन में गए 18 गांवों का बकाया बीमा क्लेम अभी तक नहीं मिला। खरीफ 2023, 2024 और 2025 में कई किसानों को न बीमा क्लेम मिला न प्रीमियम वापस आया।

परमल धान खरीद के मामले में कालांवाली की फग्गू अनाज मंडी में नमी के नाम पर 10 से 20 किलो प्रति क्विंटल की कटौती की गई। जांच कमेटी को सबूत देने के बावजूद दोषी अधिकारियों और राइस शेलर मालिकों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके अलावा KCC खातेदार किसानों के खातों से बिना मर्जी बीमा प्रीमियम काटने, सिरसा जिले में नहरों में बिना सूचना पानी बंद करने, OTU हेड पर NGC नहर पर साइफन निर्माण न होने और BT कॉटन के बीजों की गुणवत्ता सुधारने की मांगें भी ज्ञापन में शामिल होंगी।
