ओलावृष्टि से धान की फसल को भारी नुकसान, सिरसा में 1 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग
सिरसा, 26 अक्टूबर। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल को हुए नुकसान के बाद किसानों ने मुआवजे की मांग उठाई है। कालांवाली के विधायक शीशपाल केहरवाला ने गांव भरोखां, दड़बी और बरुवाली में खेतों का जायजा लेकर सरकार से विशेष गिरदावरी करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हुई है, उन्हें एक लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाना चाहिए।
तीन गांवों में खेत देखने पहुंचे विधायक
विधायक शीशपाल केहरवाला ने भरोखां, दड़बी और बरुवाली के खेतों में जाकर बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित धान की फसल देखी। इस दौरान किसानों ने उन्हें बताया कि कई खेतों में फसल को शत-प्रतिशत नुकसान हुआ है।
किसानों ने कहा कि फसल तैयार करने में करीब छह महीने की मेहनत के साथ बीज, खाद, डीजल और कीटनाशकों पर हजारों रुपये खर्च किए जाते हैं। फसल खराब होने से अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पूरी तरह बर्बाद फसल के लिए एक लाख रुपये प्रति एकड़ मांगे
शीशपाल केहरवाला ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की छह महीने की मेहनत पर पानी फिर गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित गांवों में जल्द विशेष गिरदावरी करवाई जाए और खेतों में हुए वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसल पूरी तरह खराब हो गई है, उन्हें एक लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फसल खराब होने पर किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
विशेष गिरदावरी से तय होगा फसल नुकसान का आकलन
विशेष गिरदावरी में राजस्व विभाग खेतों में फसल को हुए नुकसान का आकलन करता है। हरियाणा सरकार की व्यवस्था में जरूरत पड़ने पर विशेष गिरदावरी करवाई जा सकती है। इसके लिए ई-गिरदावरी की व्यवस्था भी मौजूद है। हरियाणा सरकार की ई-गिरदावरी संबंधी जानकारी।
फिलहाल भरोखां, दड़बी और बरुवाली के लिए विशेष गिरदावरी का आदेश जारी होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इसलिए किसानों को मुआवजा मिलने या उसकी राशि तय होने की बात अभी नहीं कही जा सकती।
खरीद प्रक्रिया और कृषि खर्च को लेकर भी उठाए सवाल
केहरवाला ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान फसल खरीद, सरकारी पोर्टल, खाद की उपलब्धता और बढ़ती कृषि लागत जैसी समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि फसल नुकसान का आकलन जल्द पूरा करके प्रभावित किसानों को राहत दी जाए।

