सिरसा के बाजेकां में बिजली लाइन ठीक कर रहे लाइनमैन की गई जान, करंट या हार्ट अटैक?
सिरसा। जिले के गांव बाजेकां से बेगू रोड पर बिजली लाइन की मरम्मत करते समय हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत एक सहायक लाइनमैन (ALM) विनोद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार शाम करीब सात बजे हुए इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों का दावा है कि विनोद की मौत बिजली लाइन में अचानक करंट आने से हुई है, जबकि निगम अधिकारी इसे पोल से गिरने या हार्ट अटैक का मामला बता रहे हैं। नागरिक अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि विनोद जब बिजली के पोल पर चढ़कर लाइन ठीक कर रहा था, तभी अचानक लाइन चालू हो गई। करंट का जोरदार झटका लगने से वह सीधे जमीन पर आ गिरा। परिजनों के अनुसार, विनोद के हाथ बुरी तरह जले हुए हैं और उसका पूरा शरीर नीला पड़ गया है। उनका आरोप है कि निगम अधिकारी अपनी जिम्मेदारी और मुआवजे से बचने के लिए इसे हार्ट अटैक या संतुलन बिगड़ने से हुई मौत का नाम दे रहे हैं। हादसे के तुरंत बाद विनोद को एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। देर रात परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे।
बाजेकां निवासी विनोद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके पिता का पहले ही देहांत हो चुका था और अब उसके दो छोटे बच्चों के सिर से भी पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। सिरसा में बिजली निगम के कर्मचारियों के साथ इस तरह के हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। इससे पहले 5 मई को भी सिरसा शहर के एचएसवीपी (HSVP) सेक्टर में बिजली लाइन की मरम्मत करते समय दड़बी गांव निवासी एएलएम अमनदीप की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। अमनदीप भी अपने परिवार का इकलौता बेटा था। एक महीने के भीतर दो कर्मचारियों की मौत से बिजली निगम की कार्यप्रणाली, लाइन शटडाउन प्रक्रिया और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एचकेआरएन (HKRN) और बिजली निगम के नियमों के तहत ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कच्चे कर्मचारियों के लिए आर्थिक सहायता और बीमा क्लेम का स्पष्ट प्रावधान है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
