https://www.choptaplus.in/

चौपटा क्षेत्र में बारिश से राहत तो जमाल गांव में ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता

 
चौपटा क्षेत्र में बारिश से राहत तो ओलावृष्टि ने बढ़ाई चिंता

सिरसा/चंडीगढ़। हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चोपड़ा क्षेत्र में गुरुवार को अचानक मौसम बदल गया। दोपहर बाद कई गांवों में बारिश हुई, वहीं गांव जमाल में करीब पांच मिनट तक ओलावृष्टि भी हुई। इस ओलावृष्टि से नरमा (कपास) की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस बारिश ने बिरानी जमीनों में ग्वार और बाजरे की बिजाई भी की जा सकेगी।

ओलावृष्टि से कपास की फसल को खतरा

नाथूसरी चोपड़ा खंड के सबसे बड़े गांव जमाल में अचानक ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब पांच मिनट तक चली इस ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान की आशंका जताई है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समय बारिश की तो जरूरत है, लेकिन ओलावृष्टि और आंधी फसलों के लिए घातक हो सकती है। किसान ओमप्रकाश, सुदेश कुमार, जगदीश और मोहनलाल ने बताया कि इस समय बारिश की सख्त जरूरत है और मौसम भी पिछले दो दिनों से बारिश के लिए अनुकूल बना हुआ है।

चौपटा क्षेत्र के कई गांवों में बारिश से राहत

चौपटा क्षेत्र के गांव कुम्हारिया, खेड़ी, रामपुरा ढिल्लों, जोड़किया, कुतियाना और बरासरी सहित कई गांवों में गुरुवार दोपहर को बारिश हुई। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। इस बारिश से फसलों को फायदा हुआ है और ग्वार व बाजरे की बिजाई भी हो सकेगी। किसानों का कहना है कि बारिश के बाद बिरानी जमीनों में बिजाई की जा सकेगी। 

22 हजार हेक्टेयर में नरमे की बिजाई, किसानों की चिंता बढ़ी

गौरतलब है कि इस बार चौपटा क्षेत्र में 22,000 हेक्टेयर में नरमे (कपास) की बिजाई की गई है। इसके अलावा मूंगफली की बिजाई की तरफ भी किसानों का अच्छा रुझान देखने को मिल रहा है। ऐसे में ओलावृष्टि और आंधी से इन फसलों को नुकसान होने की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 
 

Rajasthan