Sirsa News: नाथूसरी चौपटा में मिठाई की दुकानों पर छापेमारी, 8सैंपल लिए; 15दिन में आएगी रिपोर्ट
सिरसा। दिवाली और छठ पूजा के त्योहारों के बीच अगर आप मिठाई खरीदने जा रहे हैं, तो उसकी गुणवत्ता और साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। त्योहारी सीजन में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में मिठाई की दुकानों पर जांच अभियान चलाया। बुधवार को विभाग की टीम ने तीन मिठाई की दुकानों और एक अन्य खाद्य प्रतिष्ठान से कुल 8 सैंपल लिए। इनमें रसगुल्ला, मिल्क केक, खोया, मोतीचूर के लड्डू, गुलाब जामुन और बालूशाही जैसी मिठाइयां शामिल हैं।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील बिश्नोई की अगुवाई में की गई इस कार्रवाई के दौरान सभी सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित लैब में भेजे जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 15 दिन में जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। रिपोर्ट में किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नाथूसरी चौपटा की इन दुकानों से लिए गए सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में AKC Food , खाटू श्याम मिष्ठान भंडार, श्री श्याम स्वीट्स और रामदेव रसगुल्ला भंडार पर जांच की। इस दौरान अलग-अलग खाद्य पदार्थों के कुल आठ नमूने लिए गए।
इन सैंपलों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि पता लगाया जा सके कि संबंधित खाद्य पदार्थ तय गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। फिलहाल सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है।
पहले लिए गए 33 सैंपलों में 4 गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, जिले में मिलावट के खिलाफ अभियान 1 सितंबर से लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत मिठाइयों के साथ दूसरे खाद्य पदार्थों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पहले लिए गए 33 सैंपलों में से चार मानक स्तर से कम गुणवत्ता वाले पाए गए थे। इनमें अखरोट का एक और पनीर के तीन सैंपल शामिल थे। इन नतीजों के बाद विभाग ने जांच अभियान जारी रखा है।
अधिकारियों के मुताबिक, छठ पूजा तक खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग और जांच का अभियान जारी रहेगा। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और मिलावट की शिकायतों पर कार्रवाई करना है।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानदारों के साथ उपभोक्ताओं को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। मिठाई खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर खराब या मिलावटी खाद्य पदार्थ खरीदने के जोखिम को कम किया जा सकता है।
दुकान की साफ-सफाई देखें: मिठाइयां साफ जगह पर रखी हों और उन्हें धूल-मिट्टी से बचाकर रखा गया हो।
बहुत ज्यादा चमकीले रंग से सावधान रहें: जरूरत से ज्यादा रंगीन दिखने वाली मिठाइयों को देखकर सावधानी बरतें।
मिठाई बनाने की तारीख पूछें: दुकानदार से मिठाई कब तैयार की गई और उसे कितने समय तक खाना सुरक्षित है, इसकी जानकारी लें।
पैक्ड सामान की एक्सपायरी जांचें: मिठाई के अलावा बिस्कुट, नमकीन और दूसरे पैकिंग वाले खाद्य पदार्थ खरीदते समय एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
खुली मिठाइयों को ध्यान से खरीदें: मिठाई की गुणवत्ता, रखने के तरीके और दुकान में साफ-सफाई पर ध्यान दें।
दुकानदारों को भी दिए गए निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई विक्रेताओं को दुकानों में साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य पदार्थों की जानकारी स्पष्ट रखने की हिदायत दी है। मिठाई की ट्रे पर यह जानकारी देना जरूरी बताया गया है कि संबंधित मिठाई देसी घी, तेल या वनस्पति में से किससे तैयार की गई है। इसके अलावा मिठाई बनाने की तारीख और उसके खाने योग्य रहने की अवधि भी स्पष्ट होनी चाहिए। खाद्य पदार्थों में फूड कलर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
शिकायत कहां करें?
अगर किसी उपभोक्ता को किसी दुकान पर मिलावट का संदेह हो या खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करनी हो, तो वह जिला खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी जानकारी दे सकता है।
शिकायत के लिए ईमेल: FSOsirsa@gmail.com
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील बिश्नोई के अनुसार, बुधवार को नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में आठ सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि छठ पूजा तक अभियान जारी रहेगा और लोगों को भी जागरूक रहकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी विभाग तक पहुंचानी चाहिए।
ध्यान दें: नाथूसरी चौपटा में लिए गए आठ सैंपलों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि संबंधित दुकानों की मिठाइयों में मिलावट पाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

