सिरसा का मोरीवाला कट बन रहा हादसों का हब, स्पीड ब्रेकर की मांग को लेकर DC दरबार पहुंचे 3 गांवों के लोग
सिरसा। नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर स्थित मोरीवाला कट पर लगातार हो रहे जानलेवा सड़क हादसों पर रोक लगाने और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को मोरीवाला, कोटली और रसूलपुर के ग्रामीणों ने लघु सचिवालय पहुंचकर जिले के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने इस अत्यंत व्यस्त और संवेदनशील कट पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति को रोकने के लिए जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग उठाई है। उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देकर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

मोरीवाला कट से होकर प्रतिदिन मोरीवाला, रसूलपुर और आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों नागरिक आवागमन करते हैं। इसके समीप ही श्री चैतन्य स्कूल और भाई कन्हैया स्कूल सहित कई अन्य प्रमुख शिक्षण संस्थान भी स्थित हैं। नेशनल हाईवे होने के कारण इस मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों और ट्रकों की तेज आवाजाही बनी रहती है।
कट के दोनों ओर किसी भी प्रकार का स्पीड ब्रेकर या गति नियंत्रक (Rumble strips) नहीं होने से वाहन यहां से पूरी रफ्तार से गुजरते हैं। इसके चलते सड़क पार करना स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और कर्मचारियों के लिए अत्यंत जोखिम भरा कार्य बन गया है।
लघु सचिवालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत कराया कि वाहनों की इस तेज रफ्तार के कारण मोरीवाला कट पर पूर्व में कई भयंकर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से अब तक यहां गति को नियंत्रित करने के लिए कोई स्थायी और ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए कट के दोनों ओर मानक स्तर के स्पीड ब्रेकर का निर्माण करवाया जाए, ताकि ओवरस्पीड वाहनों पर लगाम लग सके और भविष्य में होने वाली जनहानि को टाला जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा इस दिशा में सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इस 'ब्लैक स्पॉट' पर हादसों का यह सिलसिला थमेगा नहीं। सही समय पर स्पीड ब्रेकर बनने से क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी। उपायुक्त को मांग पत्र सौंपने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में बलविंदर सिंह खैरा, सुरेंद्र पाल सिंह कटारिया, बनवारी नाथ, हरजिंद्र सिंह नंबरदार और कुलदीप नाथ सहित बड़ी संख्या में संबंधित गांवों के लोग मौजूद रहे।
