https://www.choptaplus.in/

सिरसा में किसान ने मंगवाई ऑनलाइन फर्टिलाइजर, पेटियां खोली तो फटी रह गई किसान की आंखें

 
सिरसा के ऑटो मार्केट में पुलिस और कृषि विभाग की टीम द्वारा ऑनलाइन मंगाए गए प्रतिबंधित कीटनाशकों की पेटियों की जांच

सिरसा। ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए कृषि उत्पादों की खरीद में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। भारतीय किसान एकता संगठन के प्रदेशाध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने ऑटो मार्केट स्थित ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापेमारी कर कीटनाशकों का जखीरा पकड़ा है। गुजरात की एक कंपनी से फेसबुक विज्ञापन देखकर मंगाए गए इन रसायनों में भारत सरकार द्वारा पूर्ण रूप से प्रतिबंधित उत्पाद भी शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि इन प्रतिबंधित रसायनों पर मई 2026 की निर्माण तिथि दर्ज पाई गई है।

भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर गुजरात किसान फर्टिलाइजर कंपनी राजकोट का एक विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन के झांसे में आकर उन्होंने 14,574 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर कुछ कीटनाशक और उर्वरक मंगवाए। 

कंपनी द्वारा वीआरएल लॉजिस्टिक लिमिटेड ट्रांसपोर्ट के जरिए यह माल सिरसा भेजा गया। जब लखविंदर सिंह ऑटो मार्केट स्थित ट्रांसपोर्ट कार्यालय में अपने माल की डिलीवरी लेने पहुंचे, तो बिल और बिल्टी पर मंगवाए गए असल उत्पादों का कोई विवरण दर्ज नहीं था। ऐसे में उन्होंने तुरंत कीर्ति नगर पुलिस चौकी में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई।

online fertilizer fraud sirsa

शिकायत मिलने के तुरंत बाद कीर्ति नगर पुलिस चौकी के हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, कृषि विभाग के गुण नियंत्रण अधिकारी अमित कुमार और एसडीओ कोमल के साथ किसान संगठन के पदाधिकारी अंग्रेज सिंह कोटली, गुरपिंदर सिंह काहलो, गुरजीत सिंह मान, शीशपाल कसवां, दलीप सहारन एवं श्याम लाल शर्मा ट्रांसपोर्ट कंपनी पहुंचे। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बिना किसी मार्का वाली सफेद पेटियां खोली गईं। पेटियों के अंदर भारी मात्रा में मोनोक्रोटोफॉस, डीडीवीपी, नाइट्रोबेंजीन, क्लोरोपायरीफॉस और 90 प्रतिशत सल्फर पैक मिला।

जांच में सामने आया कि बरामद किए गए रसायनों में मोनोक्रोटोफॉस, 35 प्रतिशत नाइट्रोबेंजीन और 76 प्रतिशत डीडीवीपी जैसे वे खतरनाक उत्पाद शामिल थे, जिन्हें भारत सरकार ने बहुत पहले प्रतिबंधित किया हुआ है। कृषि विभाग की टीम ने गुणवत्ता जांच के लिए केवल क्लोरोपायरीफॉस और सल्फर के सैंपल लिए हैं, जबकि प्रतिबंधित दवाएं होने के कारण बाकियों के सैंपल नहीं लिए गए। कीर्ति नगर पुलिस ने पूरा माल अपने कब्जे में ले लिया है और पुलिस तथा कृषि विभाग द्वारा गुजरात की उक्त फर्टिलाइजर कंपनी के खिलाफ आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सीएमआरजे राजकीय महाविद्यालय मिठी सुरेरां कॉलेज में दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ी, 15 जून तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

इस गंभीर मामले के खुलासे के बाद किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने प्रदेश के सभी किसानों और कृषि डीलरों से अपील की है कि वे सस्ते उत्पादों के लालच में ऑनलाइन माध्यम से कीटनाशक, फर्टिलाइजर या बीज न खरीदें। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के दुकानदारों को ऐसी फर्जी कंपनियों से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। किसान संगठन अब भारत सरकार और हरियाणा सरकार को पत्र भेजकर ऑनलाइन माध्यम से होने वाली कृषि रसायनों की बिक्री पर सख्त नियंत्रण और पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करेगा, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान और खेतों को बर्बाद होने से बचाया जा सके।

Rajasthan