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सिरसा में 4.5 करोड़ की अफीम बरामद, ट्रक के नीचे बना रखा था सीक्रेट बॉक्स, जाने कैसे आया पकड़ में

 
सिरसा में ट्रक के नीचे बने गुप्त बॉक्स से बरामद 88 किलो अफीम के साथ पुलिस अधिकारी और गिरफ्तार आरोपी

सिरसा। हरियाणा और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने सिरसा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये कीमत की 88 किलो 970 ग्राम अफीम बरामद की है। डिंग थाना पुलिस ने एनएच-9 स्थित टोल प्लाजा के पास ट्रक चालक को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रक के नीचे विशेष गुप्त बॉक्स बनाकर अफीम छिपाई गई थी। शुरुआती पूछताछ में खेप को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से राजस्थान के जोधपुर ले जाने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार नाकाबंदी के दौरान फतेहाबाद की तरफ से आ रहे ट्रक नंबर जेके-02-बीके-5276 को रोकने का इशारा किया गया था। पुलिस को देखकर चालक ने ट्रक भगाने की कोशिश की, लेकिन संयुक्त टीम ने पीछा कर वाहन को काबू कर लिया। इसके बाद राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में ट्रक की तलाशी ली गई।

Truck Secret Box Opium Sirsa

तलाशी के दौरान ट्रक के नीचे लोहे की एंगल से तैयार किए गए गुप्त चैंबर मिले। इन चैंबरों में 95 पैकेटों में छिपाकर रखी गई 88 किलो 970 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के पास से 40 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक तस्करों ने ट्रक के नीचे ऐसा सीक्रेट बॉक्स बनाया था, जिसे सामान्य जांच में पकड़ना आसान नहीं था। हाल के वर्षों में कई राज्यों में नशा तस्कर इसी तरह वाहनों में गुप्त चैंबर बनाकर तस्करी करते पकड़े गए हैं।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के पाली जिले के बिश्नोइयां की ढाणी भाणिया निवासी किशना राम पुत्र छोगा राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी को एक खेप पहुंचाने के बदले 60 हजार रुपये मिलने थे। बरामद अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह खेप पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी इलाके से लेकर आया था। इसे राजस्थान के जोधपुर में सप्लाई किया जाना था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेप कहां से तैयार होकर आई और हरियाणा-राजस्थान के रास्ते किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी।

डीएसपी राज सिंह ने कहा कि आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सप्लायर और रिसीवर तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। पुलिस मोबाइल रिकॉर्ड, ट्रांजिट रूट और बैंक लेनदेन की भी जांच करेगी।

सिरसा पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में पिछले कुछ समय में अफीम और डोडा पोस्त तस्करी के कई बड़े मामले सामने आए हैं। इससे पहले भी डिंग और ऐलनाबाद क्षेत्र में अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े मामलों में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ पकड़ा जा चुका है।

जांच एजेंसियों के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आने वाले कुछ रूट हाल के समय में नशा तस्करों के लिए सक्रिय कॉरिडोर बने हैं। कई मामलों में ट्रकों, कंटेनरों और पिकअप वाहनों में फर्जी बॉडी, केबिन या सीक्रेट चैंबर बनाकर अफीम और डोडा पोस्त की सप्लाई की जा रही है।

सिरसा के पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और नेटवर्क से जुड़े हर आरोपी तक पहुंचने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
 

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