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ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनीवाल को बिजली कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन, समांतर विद्युत लाइसैंस को रद्द करवाने की मांग

 
ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनीवाल को समांतर विद्युत लाइसेंस के विरोध में ज्ञापन सौंपते सिरसा के बिजली कर्मचारी

सिरसा, 30 अगस्त। सिरसा में बिजली कर्मचारियों ने समांतर विद्युत वितरण लाइसेंस के विरोध में ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनीवाल को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में सरकार पर दबाव बनाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि 10 अगस्त को ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ हुई बैठक के बाद उन्हें इस मुद्दे पर राहत की उम्मीद थी, लेकिन अब गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को समांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया आगे बढ़ने से कर्मचारियों में दोबारा नाराजगी है।

हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त सांझा संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारी सुबह करीब साढ़े नौ बजे सिरसा सर्कल कार्यालय में एकत्रित हुए। इसके बाद कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनीवाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

विधायक भरत सिंह बैनीवाल से सरकार पर दबाव बनाने की मांग

कर्मचारियों ने विधायक भरत सिंह बैनीवाल के सामने समांतर बिजली वितरण लाइसेंस का मुद्दा उठाते हुए इसे रद्द करवाने के लिए सरकार के सामने कर्मचारियों की बात रखने की मांग की।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था के समानांतर निजी कंपनी को लाइसेंस दिए जाने से भविष्य में सरकारी बिजली निगमों और उनमें कार्यरत कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। इसी को लेकर प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।

राज्य प्रेस प्रवक्ता श्याम लाल खोड ने कहा कि कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार 10 अगस्त को हुई बातचीत के दौरान बनी सहमति पर कायम रहे। उनके अनुसार अगर इस मामले में कर्मचारियों की मांग की अनदेखी की गई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

सिरसा जिले के दूसरे विधायकों को भी दिया ज्ञापन

सिरसा के बिजली कर्मचारियों ने केवल ऐलनाबाद विधायक तक अपनी मांग सीमित नहीं रखी। डबवाली विधायक आदित्य चौटाला और कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला को भी ज्ञापन सौंपकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई।

सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और रानियां विधायक अर्जुन चौटाला को कर्मचारियों की ओर से व्हाट्सऐप के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया।

कर्मचारी संगठनों का प्रयास है कि सिरसा जिले के सभी विधायक इस मामले को राज्य सरकार के सामने उठाएं।

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आखिर क्या है समांतर विद्युत लाइसेंस का मामला?

यह विवाद गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण से जुड़ा है। निजी कंपनी Eleven Power Private Limited ने इन क्षेत्रों में बिजली वितरण के लिए समांतर लाइसेंस की मांग की है। अभी इन क्षेत्रों में सरकारी कंपनी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम यानी DHBVN बिजली आपूर्ति करती है।

समांतर लाइसेंस का मतलब यह नहीं है कि DHBVN तुरंत बंद हो जाएगी। इसके तहत उसी क्षेत्र में एक दूसरी लाइसेंसधारी कंपनी को भी निर्धारित नियमों के तहत बिजली वितरण का अधिकार मिल सकता है।

हरियाणा विद्युत नियामक आयोग की ओर से बनाई गई विशेषज्ञ समिति ने हाल में Eleven Power के आवेदन पर लाइसेंस देने पर विचार करने की सिफारिश की है। हालांकि अभी इसे अंतिम लाइसेंस मिलना बाकी है। अंतिम निर्णय HERC को लेना है।

10 अगस्त की बैठक के बाद वापस ली गई थी हड़ताल

समांतर बिजली लाइसेंस को लेकर कर्मचारी पहले भी आंदोलन की तैयारी कर चुके हैं। बिजली कर्मचारियों और इंजीनियर संगठनों ने 11 से 13 अगस्त तक तीन दिन की प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था।

10 अगस्त को ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ हुई बैठक के बाद कर्मचारियों ने प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली थी। उस बैठक में समांतर बिजली वितरण लाइसेंस, प्रस्तावित एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटर कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल थे।

उस समय ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा था कि ऊर्जा विभाग पहले से ही समांतर लाइसेंस के प्रस्ताव का विरोध कर रहा है और विभाग की आपत्तियां HERC के सामने रखी गई हैं। HERC एक स्वतंत्र नियामक संस्था है, इसलिए लाइसेंस पर अंतिम निर्णय आयोग के स्तर पर होना है।

कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने की दी चेतावनी

सर्कल सचिव सतिंद्र मोंगा और मीत सिंह ने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी भागीदारी बढ़ाने और समांतर लाइसेंस देने के किसी भी प्रयास का कर्मचारी विरोध करेंगे। कर्मचारियों की दूसरी लंबित मांगों को लेकर भी संघर्ष जारी रखने की बात कही गई।

ज्ञापन देने के दौरान राज्य प्रेस प्रवक्ता श्याम लाल खोड, सर्कल सचिव सतिंदर मोंगा, मीत सिंह, राजमिंद्र शर्मा, सुरेश मंगल, सतबीर, राकेश, चरण सिंह, सुंदर, खुशीराम, नरेश कुमार, ओमप्रकाश, राजेश, देवीलाल और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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