सिरसाः छतरियां गांव में 500 रुपये के विवाद में युवक की हत्या, खेत से लौटते समय 10-15 युवकों ने घेरकर पीटा
हरियाणा के सिरसा जिले में 500 रुपये के पुराने विवाद को लेकर एक युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना बड़ागुढा थाना क्षेत्र के गांव छतरियां में रविवार शाम करीब 6 से 7 बजे की है। मृतक की पहचान 22 वर्षीय अशोक कुमार के रूप में हुई है, जो दो भाइयों में सबसे छोटा था और विदेश जाने की तैयारी कर रहा था।
खेत से चारा लेकर लौट रहे अशोक पर सरेआम हमला
अशोक रविवार शाम को अपने बड़े भाई मुकेश और ताऊ के साथ खेत से पशुओं के लिए चारा लेकर बैल-गाड़ी पर वापस आ रहा था। इसी दौरान गांव के साहबराम और करीब 10-15 अन्य युवक ट्रैक्टर, कार और बाइक पर सवार होकर पहुंचे। उनके हाथों में लाठी-डंडे और लोहे की पाइप थी।
हमलावरों ने बैल-गाड़ी के आगे ट्रैक्टर और बाइक लगाकर रास्ता रोक लिया। तीनों जान बचाकर भागने लगे, लेकिन हमलावरों ने अशोक को पकड़ लिया जबकि उसके भाई और ताऊ भागने में सफल रहे।
जान बूझकर सिर पर नहीं मारी चोट, पूरे शरीर पर गहरे निशान
हमलावरों ने अशोक को लाठी-डंडों व लोहे की पाइप से पीटा। मरने से पहले अशोक ने परिजनों को बताया कि हमलावर यह कह रहे थे कि 'सिर पर चोट नहीं मारनी है, हाथ-पांव पर इतनी चोटें मारो कि यह जिंदा न बचे'। तदनुसार, सिर को छोड़कर शरीर के बाकी सभी हिस्सों पर लाठी-डंडों के गहरे निशान मिले हैं।

हमले के बाद सभी आरोपी ट्रैक्टर, कार और बाइक लेकर मौके से फरार हो गए। पास के खेत में काम कर रहे अशोक के ताऊ के बेटे ने परिवार को सूचना दी।
अस्पताल में हुई लापरवाही का आरोप, देर रात तोड़ा दम
घायल अशोक को पहले बड़ागुढ़ा सरकारी अस्पताल ले जाया गया, वहां से सिविल अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल पहुंचने पर उसे सही समय पर इलाज नहीं मिला। देर रात अशोक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
500 रुपये उठाने का पुराना विवाद, पंचायत में भी हो चुका था समझौता
सरपंच प्रतिनिधि विजय कुमार के अनुसार, करीब एक साल पहले खेत में दोनों पक्षों का झगड़ा हुआ था। उस समय साहबराम ने अशोक और उसके भाई मुकेश पर 500 रुपये उठाकर ले जाने का आरोप लगाया था। इसी बात को लेकर बहस हुई और कई बार पंचायत भी हुई। पंचायत में समझौता हो गया था, लेकिन साहबराम इस बात को नहीं भूला। वह अशोक को बार-बार 'देख लेने' की धमकी देता था।
हत्या से पहले बनाई गई थी प्लानिंग
अशोक के ताऊ और परिजनों के अनुसार, साहबराम ने अपने साथियों के साथ मिलकर साहू वाला रोड पर कहीं बैठकर पहले से ही अशोक को जान से मारने की प्लानिंग बनाई थी। उसके बाद ही वे ट्रैक्टर, कार और बाइक पर सवार होकर सीधा खेत की ओर पहुंचे।
परिजनों ने कहा जल्द गिरफ्तारी नहीं तो नहीं होगा अंतिम संस्कार
परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने सरेआम हमला किया और जान से मारने की प्लानिंग बनाकर आए थे। उनकी मांग है कि अगर पुलिस ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया, तो वे अशोक के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे और प्रदर्शन कर सकते हैं।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की सूचना मिलने पर बड़ागुढ़ा थाना प्रभारी लाभ सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर आगामी कार्रवाई में जुटी है। फिलहाल मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
