Sirsa News: 12 अप्रैल को हुई थी 50 हजार की चोरी, अब तक गिरफ्तारी न होने से फैक्ट्री मालिक परेशान
सिरसा के झोंपड़ा रोड स्थित गणेश टैक्सटाइल फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित फैक्ट्री संचालक ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) को गुहार लगाई, जिसके बाद एफआईआर तो दर्ज कर ली गई, लेकिन करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी पुलिसिया कार्रवाई 'जीरो' बनी हुई है। आरोपी अमृतपाल उर्फ हैप्पी निवासी माधोसिंघाना अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और चोरी की गई नगदी व सामान की बरामदगी नहीं हो पाई है।
पंचायत में कबूला जुर्म, फिर फोन उठाना किया बंद
फैक्ट्री संचालक विजेंद्र कुमार ने बताया कि 12 अप्रैल 2026 को उनके बेटे सोनी सिंगला मजदूरों की तनख्वाह के लिए अलमारी में 50 हजार रुपये रखकर गए थे। दोपहर को जब वे फैक्ट्री पहुंचे तो नगदी गायब मिली। शक होने पर जब करीब दो महीने पहले काम पर रखे गए अमृतपाल से पूछताछ की गई तो वह फैक्ट्री से गायब मिला। बाद में हुई एक पंचायत के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए सामान और पैसे लौटाने का वादा किया था, लेकिन कुछ दिन बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया और गायब हो गया।
नगदी के साथ कीमती स्क्रैप पर भी फेरा हाथ
चोरी की इस घटना में केवल नगदी ही नहीं, बल्कि फैक्ट्री का कीमती कच्चा माल भी चोरी हुआ है। विजेंद्र कुमार के अनुसार, फैक्ट्री से लगभग 100 किलो तांबा और पीतल का स्क्रैप, 100 एंपियर चेंजओवर की पत्तियां और 8 पीतल की स्लाइड भी चोरी की गई हैं। इतना ही नहीं, वहां काम करने वाले एक अन्य मजदूर बलकरण सिंह निवासी मंगाला का पर्स भी गायब है, जिसमें जरूरी कागजात और 2000 रुपये की नगदी थी। इतनी बड़ी मात्रा में सामान चोरी होने के बावजूद पुलिस जांच को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है।
तफ्तीश के नाम पर जांच जारी होने का रटा-रटाया जवाब
पीड़ित का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। एसपी सिरसा को लिखित शिकायत देने के बाद मामला तो दर्ज हुआ, लेकिन तब से लेकर अब तक पुलिस सिर्फ तफ्तीश जारी होने का दावा कर रही है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजकर उसकी मेहनत की कमाई और सामान बरामद करवाया जाए।
विजेंद्र कुमार, फैक्ट्री संचालक ने कहा —
"एसपी को शिकायत देने के बाद पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन अभी तक कार्रवाई के नाम पर सिर्फ और सिर्फ दिलासा ही मिली है। जब भी मैं थाने जाता हूं तो एक ही जवाब मिलता है कि हम जांच कर रहे हैं।"
