सिरसा: 11 हजार वोल्ट के करंट ने छीनी 2 दोस्तों की जान, एक-दूसरे को बचाने में गंवाई जान
सिरसा। जिले के गांव संगर और बुर्जकर्मगढ़ के पास शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे बिजली की 11 हजार वोल्टेज लाइन का करंट लगने से दो युवकों की मौत हो गई। दोनों गहरे दोस्त थे और पशुओं के लिए मशीन से चारा काट रहे थे। खेत में बिजली की तारें काफी नीचे से गुजर रही थीं, जिनके छूने से करंट आ गया। एक दोस्त को बचाते समय दूसरा भी चपेट में आ गया। मृतकों की पहचान रोड़ी निवासी 19 वर्षीय देवेंद्र सिंह और 19 वर्षीय दलजीत सिंह के रूप में हुई है।
चारा डालते समय तारों से भिड़ गए दोनों युवक
चश्मदीद जगदीप ने बताया कि वह और देवेंद्र व दलजीत शुक्रवार सुबह से खेत में चारा बनाने का काम कर रहे थे। वहां खेतों में बिजली लाइन बिलकुल नीची थी और लाइट भी काटी हुई नहीं थी। शाम करीब साढ़े सात बजे वह ट्रैक्टर पर था, जबकि देवेंद्र और दलजीत ट्रॉली में चारा डाल रहे थे। उसी समय दोनों जैसे ही ऊपर की ओर खड़े हुए तो बिजली की तारों से भिड़ गए और बेहोश होकर गिर पड़े।
दोस्त को बचाने के चक्कर में दूसरा भी चपेट में आया
परिजनों के अनुसार, ट्रॉली में चारा डालते समय देवेंद्र की गर्दन तारों से छू गई और करंट से गहरा निशान पड़ गया। दोस्त को देख दलजीत ने तारों से छुटाने की कोशिश की तो उसका हाथ तारों को छू गया। इस तरह दोनों ही करंट की चपेट में आ गए। हादसे के बाद दोनों को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। रात को डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
दोनों परिवारों के इकलौते बेटे थे युवक
ग्रामीणों के अनुसार, देवेंद्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और पिता गुरदर्शन सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। देवेंद्र ने हाल ही में चारा बनाने की साइलेज मेकर मशीन नई ली थी और यह पहला सीजन था। दलजीत सिंह अपनी दो बहनों से छोटा था और माता-पिता का इकलौता बेटा था। पिता गुरप्रीत सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। उसकी देवेंद्र के साथ पुरानी दोस्ती थी और वह दोस्त को हाथ बंटवाने के लिए साथ चला गया था।
ठेकेदार ने दिया था काम, सप्लाई बंद होने का दावा
परिजनों ने बताया कि बुर्जकर्मगढ़ में नागोकी के हिमांशु मेहता के खेत में नागोकी के ही ठेकेदार जसमीत सिंह ने करीब 4-5 एकड़ में मक्की चारा काटने का ठेका लिया था। ठेकेदार के कहने पर देवेंद्र और दलजीत सिंह साइलेज मेकर मशीन लेकर काम के लिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि खेत मालिक ने चारा काटते समय कहा था कि सप्लाई बंद करवा दी है, जबकि हकीकत में लाइन में करंट था।
बिजली निगम और अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप
मृतकों के परिजनों ने बिजली निगम पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिजली निगम और सरकार बार-बार हाईटेंशन लाइनें हटाने का दावा कर रहे हैं, मगर धरातल पर असलियत कुछ और है। बिजली निगम को इस तरह की लाइनें हटाने को पहले भी कहा गया, पर किसी ने संज्ञान नहीं लिया। परिजनों ने बिजली निगम के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही खेत मालिक व ठेकेदार पर सप्लाई कटवाने की कहकर गुमराह करने का भी आरोप लगाया है।
