सिरसा के वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को भोज करवा मनाया गया शहीदी दिवस, सुरेंद्र आर्य ने भगत सिंह के विचारों को किया याद
सिरसा: बाबा सरसाईनाथ सेवा ट्रस्ट (रजि. 2116) ने चत्तरगढ़पट्टी स्थित वृद्धाश्रम में सबसे अलग अंदाज में शहीदी दिवस मनाया। इस दौरान ट्रस्ट ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को सामूहिक भोज करवाकर अमर शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे भाजपा के प्रदेश सचिव सुरेंद्र आर्य ने अमर शहीद भगत सिंह के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह के लिए क्रांति का मतलब खून-खराबा हरगिज नहीं था, बल्कि वे मौजूदा व्यवस्थाओं में बुनियादी बदलाव लाना चाहते थे। आर्य ने जोर देकर कहा कि बम और पिस्तौल से नहीं, बल्कि विचारों की भट्टी पर तेज हुई तलवार से ही सच्ची क्रांति आती है।
सुरेंद्र आर्य ने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली को शहीदों के सपनों से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उन्हीं के पदचिह्नों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आज देश में हर गरीब व्यक्ति को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्याप्त भोजन सुनिश्चित किया जा रहा है। हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों को देश में सबसे अधिक पेंशन देकर उनका वास्तविक मान-सम्मान बढ़ाया गया है।
इस मौके पर उपस्थित डॉ. सुमित सैनी और आशीष बिश्नोई ने बाबा सरसाईनाथ सेवा ट्रस्ट के प्रधान रविंद्र सैनी के नेतृत्व में हो रहे सामाजिक कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने अन्य सामाजिक संस्थाओं से भी इस ट्रस्ट से प्रेरणा लेकर निस्वार्थ भाव से जनहित के कार्य करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम कोर्डिनेटर कृष्णा सैनी, रणजीत सिंह, प्रवीन, सुरेंद्र, चंद्रमोहन सिंगला, शिव कुमार, सुलतान सैनी और डॉ. कंबोज सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
