महिला सिपाही सरोज ने थाना परिसर में उपस्थित सभी अनुसंधान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फिंगर प्रिंट लिफ्टर के उपयोग की जानकारी
भट्टू कलां। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन, आईपीएस के निर्देशन में थाना भट्टू कलां में फिंगर प्रिंट लिफ्टर एवं आधुनिक तकनीकी अनुसंधान के महत्व को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता थाना प्रभारी उप-निरीक्षक राधेश्याम ने की। प्रशिक्षण के दौरान महिला सिपाही सरोज ने थाना परिसर में उपस्थित सभी अनुसंधान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फिंगर प्रिंट लिफ्टर के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि फिंगर प्रिंट लिफ्टर का प्रयोग अपराध स्थल पर मिले उंगलियों के निशानों को सुरक्षित रूप से उठाने, संरक्षित करने तथा वैज्ञानिक विश्लेषण के माध्यम से अपराधियों की पहचान करने में किया जाता है। उन्होंने पुलिस अनुसंधान में फिंगर प्रिंट की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सही तरीके से फिंगर प्रिंट एकत्र करने, उन्हें सुरक्षित रखने और फॉरेंसिक प्रयोगशाला में भेजने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि सही तकनीक और सावधानी से उठाए गए फिंगर प्रिंट अपराध की जांच को मजबूत बनाते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मचारियों ने फिंगर प्रिंट लिफ्टर के प्रायोगिक उपयोग, तकनीकी पहलुओं एवं सुरक्षा उपायों को लेकर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे। इस दौरान उन्हें फील्ड में प्रभावी उपयोग के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए। थाना प्रभारी उप-निरीक्षक राधेश्याम ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से पुलिस कर्मियों का तकनीकी ज्ञान और कौशल बढ़ता है। इससे अपराधों की जांच में तेजी, सटीकता और पारदर्शिता आती है, जो अपराधियों की शीघ्र पहचान में सहायक सिद्ध होती है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पुलिस जांच प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसंधान कर्मियों को नवीन तकनीकों के प्रति जागरूक करना और अपराध जांच की गुणवत्ता में सुधार लाना रहा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में थाना भट्टू कलां के सभी अनुसंधान अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रशिक्षण को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई।