शादी के कुछ महीने बाद ही उजड़ गया मनीषा का संसार, हरियाणा के जवान रणदीप को नम आंखों से दी विदाई
भिवानी: जिस घर में कुछ महीने पहले शादी की खुशियां थीं, आज वहां हर तरफ दुख है। हरियाणा के भिवानी जिले के गांव मानहेरू के रहने वाले सेना के जवान रणदीप सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। सड़क हादसे में घायल होने के बाद दिल्ली के अस्पताल में उनका निधन हो गया। सोमवार को गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
रणदीप के जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग भी अपने इस लाल को खोने से गम में हैं। अंतिम विदाई के समय माहौल बेहद भावुक हो गया। सेना के जवानों ने उन्हें सम्मान दिया और उनके भतीजे रूपक ने मुखाग्नि दी।
25 फरवरी को हुई थी शादी, परिवार में छाई खुशियां अब गम में बदलीं
रणदीप सिंह की शादी इसी साल 25 फरवरी को मनीषा के साथ हुई थी। शादी के बाद परिवार नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा था। किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी घर की खुशियां मातम में बदल जाएंगी।
रणदीप अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। बेटे को खोने का दुख परिवार के लिए सह पाना आसान नहीं है। गांव में भी लोग इस घटना से दुखी हैं और परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
8 अक्टूबर को हुआ था सड़क हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, रणदीप सिंह की तैनाती हिमाचल प्रदेश में गोरखा राइफल्स के सेंटर में थी। 8 अक्टूबर को वह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया।
तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचा पार्थिव शरीर
रणदीप सिंह का पार्थिव शरीर लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील कुमार अपनी टीम के साथ गांव मानहेरू लेकर पहुंचे। तिरंगे में लिपटे जवान को देखकर परिवार के लोगों की आंखें भर आईं। गांव के लोग भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
सेना की टुकड़ी और पुलिस टीम की मौजूदगी में रणदीप का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई। रणदीप अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन गांव और परिवार के लोग उन्हें हमेशा याद रखेंगे।

