सिरसा: 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर बड़ा फर्जीवाड़ा, दूसरों ने नाम दर्ज कराई असली किसानों की फसल
ऐलनाबाद (सिरसा): हरियाणा सरकार के 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सिरसा जिले के ऐलनाबाद के गांव पोहड़का में कुछ फर्जी लोगों ने जमीन के असली मालिक किसानों की फसल को धोखे से अपने नाम पर दर्ज करवा लिया है। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पीड़ित किसानों ने भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की अगुवाई में ऐलनाबाद थाने में पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि गांव पोहड़का के किसानों ने अपनी लिखित शिकायत में कई लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दिए हैं। शिकायत के अनुसार कुलदीप सिंह (मोबाइल 9813430258), अमित ढिल्लों (मोबाइल 9812614444) और एक अन्य कुलदीप सिंह (मोबाइल 9991723777) ने धोखाधड़ी की है। इनके साथ अन्य साथियों के मोबाइल नंबर 8570957941, 8572051554, 8569830344 और 9416076049 भी शिकायत में दर्ज करवाए गए हैं।
आरोपियों ने पोहड़का निवासी बंसीलाल पुत्र पतराम की कुल 48 कनाल जमीन का पंजीकरण अपने नाम कर लिया है। इस जमीन में मुरबा नंबर 70 का किला नंबर 6 (8-0), मुरबा नंबर 71 का किला 9 व 10 (16-0), मुरबा नंबर 106 का किला 7/2 (6-0), मुरबा नंबर 340 का किला 6/2 (6-0), 10/2 (6-0) और 11/2 (6-0) शामिल है। इसके अलावा आरोपियों ने राजेंद्र कुमार की लगभग 9 एकड़ और गुरमीत सिंह की 1 एकड़ फसल का पंजीकरण भी धोखे से अपने नाम करवा रखा है।

औलख ने कहा कि मौसम की मार और सरकार की गलत नीतियों से किसान पहले ही परेशान हैं, और अब लुटेरे उनके पंजीकरण पर भी नजर गड़ाए बैठे हैं। किसानों का आरोप है कि यह असली काश्तकारों को सरकारी लाभ, खरीद प्रक्रिया और मुआवजे से वंचित करने की एक सोची-समझी साजिश है। अंदेशा जताया गया है कि यह एक बड़ा गिरोह है, जो कई गांवों के किसानों के साथ ऐसा धोखा कर रहा है।
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भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए और पोर्टल की तकनीकी खामियां तुरंत दूर की जाएं। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर असली किसानों के नाम पर पंजीकरण ठीक नहीं हुआ, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। शिकायत देते समय बीकेई से कुलतार सिंह कंवर, सर्वजीत कंबोज, दीपू गिल, अमरीक सिंह गिल और पीड़ित किसान बंसीलाल, राजेंद्र कुमार व गुरमीत सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे।
