किसानों को खाली पड़ी जमीन नेपियर घास के लिए सरकार दे रही 10000 रुपये, जाने आवेदन का पूरा तरीका
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में किसानों के लिए एक नई योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पशुपालन विभाग किसानों को नेपियर घास की 6,000 जड़ें मुफ्त में दे रहा है। साथ ही खेत तैयार करने और घास लगाने के लिए 4,000 रुपये की नगद सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। यानी किसानों को 10000 रुपये की सहायता मिल रही है। इस योजना का मकसद खाली पड़ी जमीन का सही इस्तेमाल करके किसानों की आमदनी बढ़ाना और पशुओं के लिए हरे चारे की कमी को दूर करना है।
खाली पड़ी जमीन से कमाई का मौका
चित्रकूट जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने मिलकर यह योजना शुरू की है। इसके तहत जिन किसानों के खेत खाली पड़े हैं या जहां पानी की कमी के चलते अच्छी पैदावार नहीं हो पाती, वे अब अपनी जमीन का सही इस्तेमाल करके मुनाफा कमा सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास अपनी खुद की खेती की जमीन होनी जरूरी है।
नेपियर घास क्यों है खास?
नेपियर घास को दुधारू पशुओं के लिए बेहद पौष्टिक माना जाता है। पारंपरिक चारे के मुकाबले इस घास को खाने से गाय और भैंसों की दूध देने की क्षमता काफी बढ़ जाती है। इस घास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बहुत कम पानी और कम देखरेख की जरूरत होती है। एक बार खेत में लगाने के बाद यह 4 से 5 साल तक लगातार पैदावार देती रहती है। किसान साल में 5 से 6 बार इसकी कटाई कर सकते हैं। कुछ जगहों पर तो यह 10 साल तक भी उपलब्ध रहती है। नेपियर घास को 'हाथी घास' के नाम से भी जाना जाता है।
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कैसे करें आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के दफ्तर में जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय किसानों को अपना आधार कार्ड, खतौनी, फोटो और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज साथ रखने होंगे। पात्र किसानों का चयन करने के बाद उन्हें नेपियर घास की जड़ें और आर्थिक सहायता दी जाएगी।
चारे का खर्च होगा कम
ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों के सामने पूरे साल हरे चारे का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती है, जिसमें अच्छा-खासा पैसा खर्च हो जाता है। इस योजना से किसानों का चारे पर होने वाला यह खर्च काफी हद तक बच जाएगा। नेपियर घास में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है, जो पशुओं के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखता है। जब पशु स्वस्थ रहेंगे और दूध का उत्पादन बढ़ेगा, तो किसानों की आर्थिक हालत अपने आप मजबूत हो जाएगी।
नेपियर घास की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चारा नीति के तहत यह योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ किसानों के अलावा पंजीकृत गोशालाओं, गो-आश्रय स्थलों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और स्वैच्छिक संस्थाओं को भी मिल सकता है।
