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Farmer Scheme: हरियाणा में शुरू हुआ मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

 
NDRI Karnal Press Conference Mera Gaon Mera Gaurav Dr Dheer Singh

Farmer Scheme: भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए 'मेरा गांव मेरा गौरव' अभियान को धरातल पर उतारने के लिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) करनाल ने पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। संस्थान परिसर में बुधवार को आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस महत्वाकांक्षी योजना का खाका पेश किया गया।

एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच की दूरी को पाटने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके जरिए कृषि विशेषज्ञ वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर सीधे खेतों की पगडंडियों तक पहुंचेंगे और किसानों से सीधा संवाद करेंगे।

वैज्ञानिकों की टीमें लेंगी विशेष गांव गोद

इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने एक सुव्यवस्थित रणनीति बनाई है। निदेशक डॉ. धीर सिंह ने बताया कि नजदीकी अनुसंधान संस्थानों के 4 से 5 वैज्ञानिकों की अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। इन टीमों को विशेष गांव गोद दिए जाएंगे, जहां वे नियमित रूप से दौरा करेंगे। वैज्ञानिक सीधे ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़कर किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों की व्यावहारिक जानकारी देंगे। इससे पहले भी किसानों को जागरूक करने के लिए 'कृषि संकल्प अभियान' चलाया गया था। इस अभियान के तहत भी वैज्ञानिकों ने गांव-गांव जाकर किसानों को उन्नत बीज और नए कृषि प्रयोगों के बारे में प्रशिक्षित किया था।

बंपर पैदावार के बीच फर्टिलाइजर पर गहरी चिंता

देश के कृषि और डेयरी सेक्टर की वर्तमान स्थिति पर मंथन करते हुए डॉ. धीर सिंह ने कई अहम आंकड़े रखे। उन्होंने बताया कि आज देश का कृषि उत्पादन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दूध उत्पादन के मामले में भी भारत दुनिया में नंबर एक के पायदान पर है और अब हम अपनी जरूरत से ज्यादा (सरप्लस) दूध का उत्पादन कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने खेती में हो रहे रसायनों के इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई।

डॉ. सिंह ने बताया कि पैदावार बढ़ाने की होड़ में किसान फर्टिलाइजर का अत्यधिक और असंतुलित प्रयोग कर रहे हैं, जो एक गंभीर समस्या का रूप ले चुका है। आज कई ऐसे नए शोध सामने आ चुके हैं, जिनकी मदद से फर्टिलाइजर के इस अनावश्यक प्रयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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नई नियमावली से रुकेगा रसायनों का अंधाधुंध इस्तेमाल

अंधाधुंध फर्टिलाइजर के इस्तेमाल से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। कृषि मंत्रालय ने बकायदा एक नई नियमावली तैयार की है। इसके तहत गांव गोद लेने वाले वैज्ञानिक किसानों को मिट्टी की तासीर के हिसाब से बताएंगे कि उन्हें अपने खेत में कितनी मात्रा में फर्टिलाइजर का प्रयोग करना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक सीमा के बाद रसायनों का अधिक उपयोग जमीन की उर्वरक क्षमता को खत्म करने के साथ-साथ गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। यह पूरा अभियान न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा, बल्कि आम जनता को जहरमुक्त अनाज और शुद्ध दूध उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक सराहनीय पहल साबित होगा।
 

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