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गेहूं खरीद में नई शर्तों से नाराज किसान, बायोमेट्रिक और ट्रैक्टर फोटो का नियम हटाओ, वरना होगा आंदोलन

 
Farmer leaders warning Haryana government regarding new wheat procurement conditions in mandis

सिरसा: हरियाणा की मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा की ऑनलाइन बैठक में किसान नेताओं ने सरकार को खुली चेतावनी दी है कि गेहूं बेचने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और ट्रैक्टर की फोटो अपलोड करने जैसी शर्तें तुरंत हटाई जाएं। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने साफ कहा है कि अगर किसानों को बिना किसी परेशानी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल बेचने की सुविधा नहीं मिली, तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

बीते दिनों हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से सिरसा समेत पूरे हरियाणा में गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। ऑनलाइन बैठक में अमरजीत सिंह मोहड़ी, मनदीप सिंह नथवान, अमृतपाल सिंह बुग्गा और जगबीर घसौला समेत कई किसान नेताओं ने हिस्सा लिया। इन नेताओं ने बताया कि खराब मौसम की वजह से पहले ही कटाई का काम लेट हो गया है, और अब अचानक मंडियों में फसल की आवक बढ़ेगी जिससे व्यवस्था चरमरा सकती है।

किसान नेताओं ने प्रशासन से मंडियों में बारदाने (बोरियों) का पुख्ता इंतजाम करने की जोरदार मांग उठाई है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि बारिश की वजह से गेहूं की चमक कम होने (लस्टर लॉस) का बहाना बनाकर किसानों को बिल्कुल परेशान न किया जाए। लखविंदर सिंह औलख ने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार नई-नई शर्तें लगाकर गेहूं न खरीदने की चाल चल रही है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने देंगे।
सिरसा की मंडियों में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, अब तक 968 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा, नाथूसरी चौपटा और ऐलनाबाद मंडी सबसे आगे

मोर्चा के नेताओं ने मीटिंग में तय किया है कि किसान के गेहूं का एक-एक दाना बिना किसी कटौती के एमएसपी पर खरीदा जाना चाहिए। खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह का भेदभाव किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। नेताओं ने प्रशासन को हिदायत दी है कि यदि किसानों को बेवजह तंग किया गया, तो इसके बाद होने वाले किसी भी भारी विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार की होगी।

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