हरियाणा में पहली बार किन्नर बच्चे का कुआं पूजन, भिवानी में किन्नर समाज ने पेश की ममता और समानता की सबसे बड़ी मिसाल
हरियाणा/भिवानी: अक्सर समाज में भेदभाव का दर्द झेलने वाले किन्नर समुदाय ने भिवानी से इंसानियत और ममता की एक बहुत बड़ी मिसाल पेश की है। शहर में वीरवार को पहली बार एक किन्नर नवजात बच्चे के जन्म का सवा महीना पूरा होने पर पूरे विधि-विधान के साथ कुआं पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूरे हरियाणा प्रदेश में यह पहला और अनोखा मामला है, जहां एक किन्नर बच्चे को आम बच्चों की तरह ही पूरा सम्मान और प्यार दिया गया है।
इस खुशी के मौके पर किन्नर समाज ने जमकर जश्न मनाया। इस पूरे कार्यक्रम की अगुवाई किन्नर समाज की महंत बुलबुल ने की। भिवानी के जीतू वाला जोहड़ स्थित किन्नर आश्रम से यह उत्सव ढोल-नगाड़ों की थाप और मंगल गीतों की गूंज के साथ शुरू हुआ।
नाचते-गाते हुए किन्नर समाज के लोगों की यह मंगल यात्रा कृष्णा कॉलोनी स्थित स्वर्ग आश्रम तक पहुंची। वहां पहुंचने के बाद नवजात बच्चे के सुरक्षित और सुखद भविष्य के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन और नामकरण संस्कार का भी आयोजन किया गया।
इस मौके पर महंत बुलबुल ने समाज की उस भेदभाव भरी सोच के बारे में बताया जहां किन्नर बच्चों को जन्म लेते ही अपने ऊपर बोझ मान लेती है। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अक्सर किन्नर बच्चे के जन्म लेते ही परिवार उसे ठुकरा देता है और बचपन से ही उसका शोषण शुरू हो जाता है।
इस दौरान उन्होंने भिवानी से पूरे प्रदेश के लिए एक नई मुहिम की घोषणा करते हुए आम जनता से एक भावुक अपील की। महंत ने कहा कि अगर किसी परिवार में किन्नर बच्चा पैदा होता है, तो उसे लावारिस छोड़ने या परेशान करने की बजाय हमें सौंप दें। किन्नर समाज ने भरोसा दिलाया है कि वे ऐसे बच्चों का पालन-पोषण अपनी सगी संतान की तरह ही करेंगे।
उन्होंने बताया कि उनका आश्रम इन बच्चों को सिर्फ रहने के लिए छत नहीं दे रहा है, बल्कि उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी तैयार कर रहा है। आश्रम में रहने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतरीन संस्कार दिए जा रहे हैं, ताकि वे बड़े होकर आम समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें।
यहां बच्चों की पसंद और हुनर के हिसाब से उन्हें आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की पूरी प्रेरणा दी जा रही है। कुआं पूजन के इस खास मौके पर नवजात बच्चे को महंत खुशी, तनीषा, तेजशिया, काजल, सोना, मन्नत, मीनाक्षी, रेखा, रचना और रेशमा सहित आश्रम के सभी लोगों ने अपना आशीर्वाद दिया।
