कुरुक्षेत्र बाईपास मंजूरी के बाद इन दर्जनों गांवों में जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक, आदेश जारी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र जिले में 27.9 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और सट्टेबाजी रोकने के लिए उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने थानेसर और पिहोवा तहसील के दर्जनों गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
इस आदेश के बाद इन गांवों में आगामी आदेशों तक किसी भी प्रकार के बिक्री और खरीद दस्तावेजों का पंजीकरण नहीं होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसानों को मुआवजे का उचित निर्धारण हो सके और भू-माफियाओं द्वारा भूमि की कीमतों में कृत्रिम वृद्धि न की जा सके।
उपायुक्त ने कुरुक्षेत्र के रजिस्ट्रार-सह-कलेक्टर के औदे से संबंधित एसडीएम, डीआरओ, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को इस आदेश की सख्ती से पालना के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन सट्टेबाजों पर लगाम कसना है, जो सरकारी परियोजनाओं की भनक लगते ही औने-पौने दामों पर जमीन खरीदकर बाद में सरकार से भारी मुआवजा वसूलने के लिए कीमतों में कृत्रिम उछाल लाते हैं। बाईपास निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य अब जल्द ही शुरू किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र बाईपास शहर के नागरिकों का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह बाईपास मुख्य रूप से गांव इंदबड़ी, अमीन, किरमच और मथाना के आसपास से होकर गुजरेगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने से कुरुक्षेत्र शहर को भारी ट्रैफिक जाम और सडक़ दुर्घटनाओं से मुक्ति मिलेगी। बाहरी वाहनों का शहर में प्रवेश रुकने से प्रदूषण के स्तर में भारी गिरावट आएगी और यातायात सुगम होने से क्षेत्र को नई आर्थिक मजबूती मिलेगी।
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बाईपास निर्माण के दायरे में आने वाले जिन गांवों की रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है, उनकी सूची इस प्रकार है:
थानेसर तहसील: ईदबड़ी, ज्योतिसर, बारवा, कैंथला खुर्द, किरमच, सुनेहड़ी, ईशाकपुर, सलारपुर, अमीन, खासपुर, जिरबड़ी, उमरी, शादीपुर लाडवा, किशनगढ़, दौलतपुर, मथाना, बीड़ सौंटी, मिर्जापुर, समसपुर, फत्तुपुर, समानी, बोढी, कडामी और मुनियारपुर।
पिहोवा तहसील: मुर्तजापुर, बोर सैंदा, गढ़ी रोडान, लोहार माजरा और खानपुर रोडान।
