हरियाणा सरकार ने इन कच्चे कर्मचारियों की सेवाएं दो माह तक बढाई, महिला कर्मचारियों को भी मिली राहत
हरियाणा सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी भाग-2 के अंतर्गत कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों की सेवा अवधि दो माह के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह सेवा विस्तार 1 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक प्रभावी रहेगा।
किन कर्मचारियों को मिला सेवा विस्तार?
यह सेवा विस्तार राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों एवं सार्वजनिक उपक्रमों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध आउटसोर्सिंग पॉलिसी भाग-2 के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों पर लागू होगा। इन संस्थानों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात सभी अनुबंध कर्मचारी इस निर्णय के दायरे में आएंगे।
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पहले कब तक थी सेवा अवधि?
इससे पूर्व इन कर्मचारियों की सेवाएं 30 जून, 2026 तक बढ़ाई गई थीं。 सरकार ने मई 2026 में तीन माह का सेवा विस्तार दिया था, जिसके तहत कर्मचारियों की अनुबंध अवधि 30 जून 2026 तक अथवा सेवा सुरक्षा अधिनियम, 2024 का पोर्टल क्रियाशील होने तक (जो भी पहले हो) बढ़ाई गई थी。 अब इस अवधि को आगे दो माह के लिए बढ़ा दिया गया है।
किन शर्तों के तहत होगा विस्तार?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी सेवा विस्तार हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के 25 मार्च, 2025 के ज्ञापन संख्या 8018 में निर्धारित सभी नियमों एवं शर्तों के पूर्ण अनुपालन के अधीन रहेगा。 इस ज्ञापन में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मचारियों की नियुक्ति, वेतनमान, कार्य शर्तों और अन्य सेवा संबंधी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन शर्तों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
सेवा सुरक्षा अधिनियम का पोर्टल और कर्मचारियों का भविष्य
हरियाणा सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने के लिए हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम, 2025 लागू किए हैं。 इन नियमों के तहत पात्र अनुबंध कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का लाभ दिया जाना है। सरकार ने इसके लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल www.securedemployee.csharyana.gov.in लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से अनुबंध कर्मचारियों के सेवा सुरक्षा मामलों को दाखिल और संसाधित किया जाएगा。
पिछले विस्तार आदेश में यह शर्त रखी गई थी कि कर्मचारियों की सेवा अवधि 30 जून 2026 तक अथवा सेवा सुरक्षा अधिनियम, 2024 का पोर्टल क्रियाशील होने तक (जो भी पहले हो) बढ़ाई गई थी। अब नए आदेश में यह सेवा विस्तार सीधे 31 अगस्त 2026 तक दे दिया गया है।
महिला अनुबंध कर्मचारियों को भी मिली राहत
इससे पहले हरियाणा सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी भाग-2 के तहत कार्यरत महिला अनुबंध कर्मचारियों के लिए एक और राहत की घोषणा की थी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के आदेश के अनुसार, इन महिला कर्मचारियों को अब प्रति माह दो दिन की अतिरिक्त आकस्मिक छुट्टी (कैजुअल लीव) मिलेगी, जो अधिकतम 22 दिन प्रति वर्ष होगी। पहले यह सीमा 10 दिन प्रति वर्ष थी।
आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 क्या है?
हरियाणा सरकार की आउटसोर्सिंग पॉलिसी के भाग-2 के तहत विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध अनुबंध के आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है। इन कर्मचारियों की भर्ती और प्रबंधन हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से किया जाता है। पॉलिसी का उद्देश्य सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक पारदर्शी और व्यवस्थित ढांचा तैयार करना है।
पिछले सेवा विस्तार का क्रम
हरियाणा सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के कर्मचारियों की सेवा अवधि को कई बार बढ़ाया है:
- जनवरी से मार्च 2025 तक तीन माह का विस्तार
- 31 मार्च 2026 तक चार माह का विस्तार
- 30 जून 2026 तक तीन माह का विस्तार
- 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक दो माह का विस्तार (वर्तमान)
यह लगातार सेवा विस्तार दर्शाता है कि सरकार आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों की सेवा स्थिरता को लेकर गंभीर है।
कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
इस फैसले से आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के तहत काम करने वाले हजारों अनुबंध कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनकी सेवाएं 30 जून 2026 को समाप्त हो रही थीं। दो माह के अतिरिक्त विस्तार से इन कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलेगी और वे सेवा सुरक्षा अधिनियम के पोर्टल के पूरी तरह क्रियाशील होने तक अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। हालांकि, यह एक अस्थायी व्यवस्था है और कर्मचारियों की दीर्घकालिक सेवा सुरक्षा के लिए सेवा सुरक्षा अधिनियम के तहत पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया को पूरा करना आवश्यक होगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों से साफ है कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। सरकार का मानना है कि जब तक सेवा सुरक्षा अधिनियम का पोर्टल पूरी तरह कार्यान्वित नहीं हो जाता, तब तक इन कर्मचारियों की सेवाओं को बढ़ाना आवश्यक है ताकि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से हाथ न धोना पड़े।
