हरियाणा में अब बिना पंजीकरण के नहीं चल सकेगें कोचिंग सेंटर, फायर सेफ्टी से लेकर फैकल्टी तक का देना होगा ब्योरा
चंडीगढ़। हरियाणा में अब कोई भी निजी कोचिंग संस्थान बिना सरकारी मंजूरी के नहीं चल सकेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वीरवार को हुई कैबिनेट बैठक में 'हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण और विनियमन) नियम, 2026' को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद राज्य के सभी कोचिंग सेंटरों को पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया है।
ये नियम 'हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2024' के तहत बनाए गए हैं। इसका मकसद कोचिंग संस्थानों के कामकाज में पारदर्शिता लाना और छात्रों के हितों की रक्षा करना है। दिल्ली और लखनऊ के कोचिंग सेंटरों में हुए हादसों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
पंजीकरण प्रक्रिया और फीस
हरियाणा में पहले से चल रहे सभी निजी कोचिंग संस्थानों और नए सेंटर खोलने की इच्छा रखने वालों को निर्धारित पोर्टल के जरिये पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए 10 हजार रुपये की फीस तय की गई है, जो ऑनलाइन जमा करनी होगी। संबंधित अधिकारी 30 दिनों के भीतर आवेदनों की जांच करेंगे और सभी शर्तें पूरी होने पर तीन साल के लिए वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
पंजीकरण का नवीनीकरण भी करना होगा। इसके लिए प्रमाणपत्र खत्म होने से कम से कम एक महीने पहले 5 हजार रुपये की फीस के साथ आवेदन करना होगा।
कोचिंग सेंटर को देनी होंगी ये जानकारियां
नए नियमों के तहत कोचिंग संस्थानों को पारदर्शिता बरतनी होगी। आवेदन के समय संस्थान को ये सारी जानकारी देनी होगी:
-
कौन-सा कोर्स, पाठ्यक्रम, अवधि और फीस
-
कक्षाओं की संख्या और क्षमता
-
एक बैच में अधिकतम कितने छात्र
-
पढ़ाने वाले शिक्षकों, काउंसलर और अन्य कर्मचारियों की योग्यता और बायोडाटा
इतना ही नहीं, संस्थान को अपनी वेबसाइट पर भी यह जानकारी अपलोड करनी होगी और हर साल अधिकारियों को रिपोर्ट देनी होगी।
सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य
कोचिंग सेंटरों को छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाएं मुहैया करानी होंगी:
-
पीने का पानी
-
लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय
-
फायर सेफ्टी का इंतजाम
-
प्राथमिक उपचार की व्यवस्था
-
पार्किंग, लाइब्रेरी या रीडिंग रूम
-
वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर लैब
इमारत के मालिकाना हक, फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी के सर्टिफिकेट भी जमा करने होंगे। दिव्यांग छात्रों के लिए इमारत में बैरियर-फ्री पहुंच की व्यवस्था भी अनिवार्य है।
कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की भी होगी जांच
कोचिंग संस्थानों को अपने सभी कर्मचारियों के चरित्र और पृष्ठभूमि की जांच का ब्योरा भी देना होगा। स्कूल या किसी अन्य संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों की नियमित पढ़ाई के समय कोचिंग कक्षाएं नहीं लगाई जा सकेंगी।
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
कैबिनेट बैठक में कई अन्य अहम फैसले भी लिए गए:
-
विश्व बैंक वित्त पोषित 'वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम' को मंजूरी, 5,714 करोड़ रुपये की लागत से करीब 45 लाख लोगों को फायदा होगा
-
महिला स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन, सरकारी खरीद में 10% आरक्षण
-
स्टार्टअप्स के लिए मैचिंग ग्रांट, 25 लाख रुपये तक की मदद
-
रिहायशी कॉलोनियों में लीज पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति
-
गुरुग्राम में 'मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी' की स्थापना को मंजूरी