हरियाणा में अब केवल 5,500 रुपये में लगेगा 1KW सोलर, 3 साल की बिल हिस्ट्री खत्म
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने रूफटॉप सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पिछले तीन साल तक नियमित बिजली बिल जमा करने की शर्त पूरी नहीं करनी होगी। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने योजना की एसओपी में संशोधन को मंजूरी दे दी है। नए नियमों के तहत आवेदन के समय केवल पिछले बिलिंग चक्र में गैर-बकायेदार होना ही पर्याप्त होगा। इससे लाखों घरेलू उपभोक्ता योजना में शामिल हो सकेंगे।
क्या बदला, किसे होगा लाभ
अब तक योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को लगातार तीन वर्षों तक समय पर बिजली बिल जमा करने की शर्त पूरी करनी पड़ती थी। इस कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना से बाहर रह जाते थे। संशोधन के बाद पात्रता का दायरा काफी बढ़ जाएगा। सरकारी कर्मचारी, बोर्ड-निगमों के कर्मचारी और एचकेआरएन कर्मी भी अब योजना का लाभ उठा सकेंगे, बशर्ते पिछले बिलिंग चक्र में उनका बिजली बिल बकाया न हो।
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अंत्योदय और मध्यम आय वर्ग को विशेष सहायता
सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों को केंद्र की सब्सिडी के अलावा राज्य सरकार से 25,000 रुपये प्रति किलोवाट तक की अतिरिक्त सहायता मिलेगी। परिवार पहचान पत्र के अनुसार 3 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार 2 किलोवाट तक के सोलर संयंत्रों पर राज्य वित्तीय सहायता के पात्र होंगे।
कितनी होगी लागत, कितनी मिलेगी सब्सिडी
1 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की अनुमानित लागत करीब 55,000 रुपये है। इसमें उपभोक्ता को केवल 5,500 रुपये यानी 10 प्रतिशत राशि का योगदान करना होगा। बाकी राशि केंद्र सरकार की सब्सिडी और बिजली निगम की ब्याज-मुक्त सहायता से पूरी होगी।
2 किलोवाट संयंत्र पर केंद्र सरकार से 60,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी। 3 से 5 किलोवाट क्षमता के संयंत्रों पर 78,000 रुपये तक की केंद्रीय सब्सिडी के अलावा 58,500 से 97,500 रुपये तक की ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
2027 तक 2.22 लाख सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य
सरकार ने वर्ष 2027 तक प्रदेश में 2.22 लाख रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए केंद्र सरकार की सब्सिडी के साथ राज्य सरकार और बिजली निगम की ओर से ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। अनिल विज ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाया गया है। उपभोक्ता डिस्कॉम पोर्टल के माध्यम से अपनी पात्रता की जांच कर सकेंगे और राष्ट्रीय पोर्टल के जरिए आवेदन पूरा कर सकेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण यह फैसला
हरियाणा में 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है। लेकिन सख्त पात्रता शर्तों के कारण कई उपभोक्ता इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे। नई व्यवस्था के बाद योजना की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि आसान नियम, ब्याज-मुक्त सहायता और अतिरिक्त सब्सिडी से सोलर अपनाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। इससे एक तरफ उपभोक्ताओं के बिजली बिल घटेंगे तो दूसरी ओर हरित ऊर्जा उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।