Haryana News: हरियाणा सचिवालय अकाउंट ऑफिसर सुसाइड केस बड़ी अपडेट, 3 पर FIR दर्ज

 
Haryana News: चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय (सेक्टर-1) में अकाउंट अधिकारी बलवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मृतक की पत्नी प्रमिला की शिकायत पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने विभाग के ही तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। सोमवार को बलवंत सिंह सचिवालय की पांचवीं मंजिल पर गए थे, जहां अचानक उनकी मौत की सूचना से हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद सचिवालय में तैनात पुलिस कर्मचारी और मेडिकल स्टाफ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बलवंत की जान जा चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है।

विजिटर पास बनवाकर सचिवालय पहुंचे थे बलवंत

जांच में सामने आया है कि बलवंत सिंह सोमवार सुबह विधिवत विजिटर पास बनवाकर सचिवालय के अंदर गए थे। यह पास सुबह 9:42 बजे जनरेट हुआ और उनकी एंट्री 10:22 बजे हुई थी। पास में उन्होंने पांचवीं मंजिल पर स्थित हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन के 'कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स' से ऑफिशियल काम का हवाला दिया था। पुलिस अब सचिवालय के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि एंट्री के बाद बलवंत किस-किस से मिले थे।

बैंक घोटाले को लेकर बनाया जा रहा था दबाव

मृतक के परिजनों ने इस सुसाइड के पीछे एक बड़े बैंक घोटाले और विभागीय अधिकारियों के भारी दबाव को मुख्य वजह बताया है। पूरे मामले की जानकारी देते हुए मृतक के भाई राजपाल यादव ने बताया कि बलवंत पर बैंक घोटाले को लेकर कुछ लोग लगातार दबाव बना रहे थे। उन्होंने खुलासा किया कि पिछले दिनों बलवंत ने बताया था कि एक डायरेक्टर ने चेकबुक के लिए फोन किया था, जबकि एक अन्य कर्मचारी भी उन्हें परेशान कर रहा था। राजपाल के मुताबिक, सोमवार को घर से निकलते वक्त बलवंत ने अपने बेटे से कहा था कि 'अधिकारी बनना कर्मचारी का जीवन नहीं होता'।

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सीबीआई पूछताछ से पहले उठाया खौफनाक कदम

इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि बैंक घोटाले को लेकर सोमवार को ही सीबीआई बलवंत सिंह से पूछताछ करने वाली थी, लेकिन जांच एजेंसी के सवालों का सामना करने से पहले ही उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया। मृतक के भाई ने सवाल उठाया है कि बलवंत सचिवालय में आखिर किससे मिलने गए थे, इसकी परतें खुलनी चाहिए। परिजनों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।